नई दिल्ली. WHO के महानिदेशक डॉ. ट्रेडोस एडनॉम घेबियस ने गुरुवार को कहा कि ओमिक्रॉन डेल्टा की तुलना में कम गंभीर प्रतीत होता है और विशेष रूप से टीकाकरण वाले लोगों में यह कम गंभीर है. मगर इसका मतलब यह नहीं है कि इसे पिछले वैरिएंट की तरह ही माइल्ड (हल्का) के तौर पर मान लेना चाहिए. उन्होंने चेताते हुए कहा कि ओमिक्रॉन की वजह से लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं और उनकी जान भी जा रही है. उन्होंने कहा कि वास्तव में मामलों नए वेरिएंट से संक्रमितों की सुनामी इतनी बड़ी और तेज है कि यह दुनिया भर में स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी पड़ रही है.
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उन्होने आगे कहा कि पहली पीढ़ी के टीके सभी संक्रमणों और संचरण को रोक नहीं सकते हैं, लेकिन वे अस्पताल में भर्ती होने और इस वायरस से होने वाली मृत्यु को कम करने में अत्यधिक प्रभावी रहते हैं. उन्होंने कहा कि टीकाकरण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य सामाजिक उपाय, जिसमें अच्छी तरह से फिटिंग वाले मास्क पहनना, दूरी बनाना, भीड़ से बचना और वेंटिलेशन में सुधार करना आदि शामिल है, वायरस को सीमित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं.
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