আবহাওয়া আইপিএল-2025 টাকা পয়সা পশ্চিমবঙ্গ ভারত ব্যবসা চাকরি রাশিফল স্বাস্থ্য প্রযুক্তি লাইফস্টাইল শেয়ার বাজার মিউচুয়াল ফান্ড আধ্যাত্মিক অন্যান্য
---Advertisement---

कहां गए बड़े झाड़ के जंगल, आदिवासी और निजी भूमि के दस्तावेज?

Published on: September 18, 2019
---Advertisement---
लालबहादुर महांती

पिथौरा (ग्रामीण). प्रदेश के सबसे बड़े जमीन घोटाला वाला जिला महासमुंद के राजस्व रिकार्ड रूम से महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज के गायब होने और कूटरचना कर बदलने की सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय वन संपदा के रूप में आरक्षित शासकीय बड़े झाड़ के जंगल सहित आदिवासी एवं निजी भूमि के मिसल, निस्तारपत्रक व अन्य दस्तावेज रिकार्ड रूम से गायब हैं. इस प्रतिनिधि द्वारा जानकारी चाहने पर संबंधित कार्यालय से प्रामाणिक तौर पर जानकारी मिलने से इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हो पाया.

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी प्रार्थना की गई है. मिली जानकारी के अनुसार पिथौरा-सांकरा पटेवा तहसील के अंतर्गत पिछले करीब 15 वर्षों से सरकारी वन एवं निजी भूमि घोटाले का दौर चला जिसमें सरकारी बड़े-छोटे झाड़ जंगल, घास, कोटवारी, भूमिदान, काबिलकास्त, शासकीय पट्टा, आदिवासी एवं निजी भूमियों के रिकार्ड में कुछ शासकीय अधिकारियों-कर्मियों के साथ मिलकर भूमाफियाओं ने कूटरचना और हेराफेरी करते हुए प्रदेश के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है.

http://हनुमान जी के इस मंदिर में जिंदगी भर के लिए पीलिया से मिल जाता है छुटकारा

एक अनुमान के हिसाब से यहां हजारों एकड़ शासकीय वन भूमियों को अपने नाम कराया गया है या बेच दी गई है या फोरलेन निर्माण कार्य में मुआवजा प्राप्तकर शासन को करोड़ों का चूना लगाया गया है. यहां यह बताना लाजिमी है कि शासन के अधीन या निजी समस्त भूमियों का रिकार्ड तहसील एवं जिला रिकार्ड रुम में मौजूद रहता है. इसी मिसल, निस्तारपत्रक, नक्शा शीट से शासन यह पता लगाता है कि भूमि स्वामी कितने वर्षों से यहां निवास कर रहा है ? परंतु उक्त सभी जमीनों के रिकार्ड जिला रिकार्ड रूम में नहीं मिल रहा है.

इन मामलों में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि पूरे मामले में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पिलवापाली की 480 एकड़ राष्ट्रीय वन भूमि की बिक्री का मामला विधानसभा में उठाए जाने से यह स्पष्ट हो गया था कि रिकार्ड रूम में कुछ संदिग्धों ने सेंध लगा दी है और महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज हेरफेर या गायब कर दिए गए हैं. बावजूद इन पंक्तियों के लिखे जाने तक अन्य शिकायतों पर जांच पश्चात आरोपियों पर कार्रवाई न होना आश्चर्य की बात है. जबकि प्राथमिक स्तर पर शासकीय जमीन घोटाले की बात एसडीएम की 6 सदस्यीय जांच समिति एवं एसडीओपी पिथौरा की रिपोर्ट में हेराफेरी कर करोड़ों की रजिस्ट्री, कालाधन, बेनामी संपत्ति का पता चला है. सभी रिपोर्ट मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को भेज दी गई है.
ये हैं गायब 9 प्रामाणिक प्रकरण

प्र.1. – महासमुंद जिले के प्रथम कलेक्टर के 28-8-2000 द्वारा जारी भूमि बिक्री मंजूरी आदेश में कमलकोड़ा का फर्जी बैंक डिमांड नोटिस एवं मृतक उदेराम का हस्ताक्षर दर्ज है.

प्र.2. –  महासमुंद जिले के प्रथम कलेक्टर के 28-8-2000 द्वारा जारी भूमि बिक्री मंजूरी आदेश में चंद्रभान सिंह के नाम का फर्जी बैंक डिमांड नोटिस एवं मृतक उदेराम का हस्ताक्षर दर्ज है.

प्र.3.- डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी जिलाअभिलेखागार राजेश नशीने का 15-4-2011 की जांच रिपोर्ट- ग्राम लहरौद ख.नं. 634 र.- 0.52 हे. जंगल जमीन को लगानी 635 बनाकर रजिस्ट्री का निस्तार पत्रक एवं नक्शा-शीट उपलब्ध नहीं है. इसमें फोरलेन मुआवजा 9.76 लाख लिया गया है.

प्र.4. – थाना पिथौरा एफआईआर 92 दि. 11-6-2018 ग्राम लहरौद जंगल भूमि 634 को 635 बनाकर रजिस्ट्री पूर्व त्रुटि सुधार नामे शोभाराम पिता जनकराम र.- 0.52 हे. तहसील एवं जिला रिकार्ड रुम में नहीं है.

प्र.5. – पूर्व एसडीएम पिथौरा द्वारा थाना पिथौरा में दर्ज एफआईआर 62 दि. 17-4-2018 के अनुसार – ग्राम लहरौद ख.नं. 624/2,634/3 र. कुल 0.20 हे.भूमि भुवनेश्वर पिता शौक़ीलाल यादव डोंगरीपाली बड़े झाड़ जंगल का शासकीय पट्टेदार का तहसील एवं जिला रिकार्ड रूम में प्रकरण नहीं है. इसमें फोरलेन मुआवजा 57 लाख लिया गया है.

प्र.6. – दर्ज एफआईआर 62 के अनुसार ग्राम लहरौद ख.नं.634/5,940/1 कुल- र 1.41 हे.भूमि लक्मन पिता इतवारू घसिया जंगल पट्टेदार का रिकार्ड नहीं है। फोरलेन मुआवजा 57 लाख.

प्र.7. – जिला रिकार्ड रुम में ग्राम लहरौद भुवनेश्वर पिता शौक़ीलाल की भूमि बिक्री मंजूरी प्रकरण नहीं है. ख.नं. 624/2,634/3 र.- कुल 0.20 हे.

प्र.8. – ग्राम राजसेवैया खुर्द के आदिवासी फागसिंग का भूमि बिक्री मंजूरी प्रकरण दि. 4-7-2007 महासमुंद के एफआईआर में नहीं है.

प्र.9. – थाना महासमुंद दर्ज एफआईआर दर्ज 247/12 दि. 21-6-2012 के अनुसार पूर्व कलेक्टर एसके तिवारी के पद नाम हस्ताक्षर से जारी 109 भूमि बिक्री मंजूरी का सम्पूर्ण प्रकरण रिकार्ड रूम में नहीं है. जांच करने पर अनेक प्रकरण सामने आएंगे जो चौंकाने वाले होंगे.

http://6 करोड़ पीएफ खाताधारकों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगा ज्यादा ब्याज

प्रदेश के सबसे बड़े भूमि घोटाले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद इसकी जांच का जिम्मा एसडीओपी पिथौरा कौशलेंद्र देव पटेल को सौंपा गया है, जो कि पर्याप्त नहीं है. चूंकि घोटाला एक हजार एकड़ से अधिक का है इसलिए इसकी जांच राजस्व और पुलिस विभाग की विशेषज्ञ समिति द्वारा कराई जानी चाहिए. जांच अधिकारी ने पुलिस महानिदेशक एवं मुख्यमंत्री को भेजे गए अपनी रिपोर्ट में प्रारंभिक आरोपों की पुष्टि की है.

कलेक्टर सुनील जैन से जानकारी लेने पर उन्होने बताया कि मिसल रिकार्ड, नक्शा सीट एवं अन्य सरकारी दस्तावेज की दूसरी कॉपी रायपुर में रहती है. साथ ही कहा कि गायब प्रकरणों का नाम बताने पर ढूंढ कर आपको बताएंगे. जब उन्हे बताया गया कि गायब प्रकरण की जानकारी पिथौरा थाना के एफआईआर में दर्ज है तो उन्होने कुछ नहीं कहा.

मामले की जांच चल रही है अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वर्तमान में एक जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर की तैयारी की जा रही है. जितेंद्र शुक्ला एसपी

जुड़िए हमसे….
https://www.facebook.com
https://cgjanadesh.com
https://cgjanadesh.com/category
8871342716

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now