नई दिल्ली. वॉट्सऐप की नई प्राइवेट पॉलिसी को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. एडवोकेट चैतन्य रोहिल्ला ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि वॉट्सऐप की नई पॉलिसी भारत के लोगों को मिले निजता के अधिकार का उल्लंघन है. यूजर का डेटा साझा करना गैरकानूनी है. इस याचिका में कोर्ट से मांग की गई है वॉट्सऐप की नई प्राइवेट पॉलिसी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और उसके साथ भारत सरकार वॉट्सऐप के इस्तेमाल और लोगों की राइट टू प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए गाइडलाइंस जारी करें. याचिका में कहा गया है कि भारत सरकार इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 79(2) (C) और सेक्शन 87 (2) (ZG) के तहत मिली मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ये सुनिश्चित करें कि वॉट्सऐप किसी भी थर्ड पार्टी को यूजर्स का डाटा साझा नहीं कर पाए.
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बता दें कि वॉट्सऐप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया है. इस बदलाव के बाद वॉट्सऐप को इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए इसके सभी नियमों और शर्तों को स्वीकार करना जरूरी है. इसके तहत वॉट्सऐप ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि जो भी यूजर नियम और शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा, उसका अकाउंट 8 फरवरी के बाद बंद कर दिया जाएगा. हालांकि नई पॉलिसी पर आलोचना के बाद कंपनी ने सफाई भी दी है. उनका कहना है कि इस पॉलिसी से यूजर के प्राइवेट मैसेज को खतरा नहीं है. यानी फ्रेंड्स या फैमिली के साथ की जाने वाली चैट पूरी तरफ सुरक्षित रहेगी. नई पॉलिसी के दायरे में सिर्फ बिजनेस अकाउंट्स में भेजे गए मैसेज आएंगे.
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