नई दिल्ली. पंजाब कांग्रेस चीफ के पद से इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने वीडियो संदेश जारी कर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मेरा किसी के साथ कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है. मेरे राजनीतिक करियर के 17 साल एक उद्देश्य के लिए रहे हैं. लोगों के जीवन में बदलाव लाना, दृढ़ तरीके से अपने फैसले पर खड़ा रहना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना ही मेरा धर्म है. मैं अपनी नैतिकता, नैतिक अधिकार से समझौता नहीं कर सकता. मैं जो देख रहा हूं वह पंजाब में मुद्दों, एजेंडा के साथ समझौता है. मैं पंजाब के मुद्दों के लिए देर तक लड़ता रहा… दागी नेताओं, अधिकारियों की एक व्यवस्था थी, अब आप उसी प्रणाली को दोबारा नहीं दोहरा सकते… मैं अपने सिद्धांतों पर कायम रहूंगा.
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सिद्धू ने कहा कि मेरी लड़ाई मुद्दे, मसले की है. मेरी लड़ाई एक एजेंडे की है. मैं हक और सच की लड़ाई लड़ता रहा. मेरे पिता ने मुझे हमेशा सिखाया है कि अगर दो रास्ते हो तो हमेशा सच का साथ दो. अपने ट्विटर अकाउंट पर 4.39 मिनट के एक वीडियो में सिद्धू ने कहा कि मैं ना हाईकमान को गुमराह कर सकता हूं और ना ही खुद को गुमराह करूंगा. मैं पंजाब के लोगों की बेहतर जिंदगी की लड़ाई के लिए किसी भी चीज की कुर्बानी दूंगा. दागी नेताओं और अफसरों को दोबारा लाकर उनको फिर से मौका नहीं दिया जा सकता है. मैं इसका विरोध करता हूं. उन्होने कहा कि जिन लोगों ने मांओं की गोदें सूनी कीं उन्हें पहरेदार नहीं बनाया जा सकता है.
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हक़-सच की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ता रहूंगा … pic.twitter.com/LWnBF8JQxu
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) September 29, 2021









