महासमुंद. एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पशु चिकित्सा विभाग के दो क्लर्क को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर किया है. जानकारी के मुताबिक कार्यालय उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जिला महासमुंद के दो कर्मचारियों सहायक ग्रेड-1 श्रीमती सरिता त्रिपाठी और सहायक ग्रेड-2 उमाशंकर गुप्ता बुधवार को एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 39 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा. पेंशन मामले में दोनों क्लर्क ने पशु चिकित्सा विभाग की रिटायर्ड महिला चपरासी सुरेखा बाई रावत से 97 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी. उन्होंने बताया कि वो दो बार में 57 हजार रुपए दोनों क्लर्क को दे चुकी थी. बावजूद क्लर्क उमाशंकर गुप्ता और सविता त्रिपाठी का लालच बढ़ता जा रहा था.
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उन्होंने उससे और 40 हजार रुपए की डिमांड की थी. बार-बार रुपए मांगे जाने से त्रस्त सुरेखा बाई ने ACB से शिकायत की. बाद योजनाबद्ध तरीके से ACB ने सुरेखा को केमिकल लगे 39 हजार रुपए दिए. सुरेखा ने दोनों क्लर्क को एंटी करप्शन ब्यूरो से मिले 39 हजार रुपए को थमाया. इधर, एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर की टीम ने दोनों को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया. बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दोनों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 के अंतर्गत प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर लोकहित में नैतिक पतन होने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (नियंत्रण, वर्गीकरण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(ख) 2 (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने निलंबन के अलग-अलग आदेश जारी किए हैं.







