पिथौरा/बलौदाबाजार. बार नवापारा अभ्यारण्य में चीतल शिकार के मामले में वन विभाग ने तीन लोगों को धर दबोचा. जबकि, एक विभागीय अफसरों के चंगुल से बाहर है, जिसकी तलाश की जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार बारनवापारा परिक्षेत्र के आमगांव परिवृत्त के अकलतरा परिसर के कक्ष क्रमांक 120 में शिकारियों ने जीआई तार से विद्युत करंट प्रवाहित किया था. जिसमें एक नर चीतल करंट से मारा गया था. घटना 5-6 जनवरी की दरम्यानी रात की बताई जा रही है. शिकार का पता सबसे पहले चरौदा के डिप्टी रेंजर सत्येंद्र कश्यप को लगा.
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श्री कश्यप ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी. अभ्यारण्य अधीक्षक आनंद कुदरिया व परिक्षेत्र अधिकारी कृशानु चंद्राकर ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर मामले की छानबीन की. जांच के बाद शिकार के मामले में शामिल चार लोगों में से ग्राम गबौद निवासी अर्जुन यादव (34), लोकनाथ बरिहा (33) और ग्राम देवगांव निवासी योगेश कुमार ठाकुर (37) को पकड़ा. इन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9,27,32,51 अधिरोपित की गई है. जबकि, इनमें से एक फरार बेनूराम यादव (40) हाल मुकाम देवगांव की पतासाजी की जा रही है. पकड़े गए आरोपियों से चीतल का कटा हुआ सिर, चार पैर, एक चमड़ा, शिकार के लिए प्रयुक्त किए गए 3 किलो जीआई तार, एक हंसिया व एक कुल्हाड़ी भी मौके से बरामद किया है.
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बाद ग्राम गबौद के ऐबन नामक एक तालाब से भी चीतल का उबला हुआ पाव भर मांस बरामद किया गया. वहीं अर्जुन यादव के घर से चीतल का कटा हुआ कच्चा मांस करीब 5 किलो, बेनूराम यादव के घर से करीब ढाई किलो व योगेश कुमार ठाकुर के घर से एक किलो चीतल का कच्चा मांस भी मिला है. इस तरह आरोपियों के घरों से जुमला करीब साढ़े आठ किलो चीतल का कच्चा मांस बरामद किया गया है. कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी कृषाणु चन्द्राकर, पवन सिन्हा, परिक्षेत्र सहायक गीतेश बंजारे, गोपाल वर्मा, सत्येंद्र कुमार कश्यप, कपूरचंद बरिहा, परिसर रक्षी अमिताभ बंजारे, रविश्वर प्रसाद मिरी एवं अन्य वन अमलों का योगदान रहा.







