बागबाहरा. छत्तीसगढ़ सरकार एक महीने विलंब से धान खरीदी प्रारंभ करने के बाद भी बारदाने की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाई है जिससे किसानों में आक्रोश है. जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसान हितैषी होने की बातें करती है. किसानों के पक्ष में भारत बंद में समर्थन देते हुए तमाम नेता सड़कों पर उतरकर बाजार बंद कराते नजर आए लेकिन सरकार अपने प्रदेश के खरीदी केन्द्रों में बारदाने की व्यवस्था तक नहीं कर पा रही है जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. खरीदी के प्रारंभ में ही खरीदी केन्द्रों में तालाबंदी जैसे कदम किसानों को उठाना पड़ रहा है. पहले दो-तीन दिन चार हजार कट्टा धान की खरीदी को घटाकर दो हजार कर दिया गया है जिससे किसानों को धान बेचने जद्दोजहद करनी पड़ रही है.
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राईस मिलर्स को खरीदी केन्द्रों में खाली बारदाना व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया गया है. राईस मिलर्स बारदाना भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं. कहीं दो हजार तो कहीं ढाई हजार बारदाने की व्यवस्था कर भिजवा रहे हैं. बागबाहरा के बंसुलाडबरी खरीदी केन्द्र में 7 दिसबंर को बारदाना की कमी को लेकर किसानों ने सोसायटी में दो तीन घंटे तक तालाबंदी कर दी. आनन-फानन में बारदाने की व्यवस्था की गई तब खरीदी प्रारंभ हो पाई. श्रीमती चन्द्राकर ने कहा है कि कांग्रेस सरकार और उनके क्षेत्रीय नेताओं को किसानों की कोई चिंता नहीं है. यदि चिंता होती तो वे खरीदी केन्द्रों में खरीदी प्रारंभ होने से पहले बारदाना, सुतली की समुचित व्यवस्था करते पर उन्हें धान खरीदी में बहानेबाजी करनी पड़ रही है. छत्तीसगढ़ बनने के बाद से यह पहला मौका है जब कांग्रेस सरकार धान खरीदने बारदाने की व्यवस्था नहीं कर पाई है. यदि वास्तव में कांग्रेस के विधायक, मंत्री किसान हितैषी हैं तो वे खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करें और किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो उसके लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाने की व्यवस्था करें. कांग्रेस की गलत नीति के कारण किसानों को पहले दो महीने धान की रखवाली करने खलिहानों में रतजगा करना पड़ा. अब सरकार के अड़ियल रवैये के चलते किसानों को खरीदी केन्द्रों में रतजगा करनी पड़ रही है.
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श्रीमती चन्द्राकर ने स्पष्ट लहजे में कांग्रेस सरकार और कांग्रेसी नेताओं से कहा है कि वे किसानों की उपज खरीदने सभी धान खरीदी केन्द्रों में बारदाने की व्यवस्था कराएं अन्यथा किसानों के साथ मिलकर सड़क पर उतरने हम पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेसी जैसे आज किसानों के पक्ष में भारत बंद में समर्थन दिए हैं वैसे ही अपने प्रदेश के किसानों के हित में आवाज बुलंद करें. श्रीमती चन्द्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में समिति कर्मचारियों को किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है. कांग्रेस और उनके नेता कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं. आज कांग्रेस के नेता खरीदी केन्द्रों में क्यों नहीं जा रहे? मुख्यमंत्री अपने विधायकों को निर्देश करें वे सब खरीदी केन्द्र जाकर व्यवस्था देखें और किसानों का सहयोग करें.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) December 7, 2020







