रायपुर. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित मंत्रिमंडलीय उप समिति की वर्चुअल बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में सरप्लस (अतिशेष) धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से करने तथा सरप्लस धान के विक्रय हेतु नीलामी से प्राप्त दरों पर चर्चा की गई. बैठक में हुए चर्चा के तहत मार्कफेड द्वारा नीलामी में प्राप्त अधिकतम दरों पर सरप्लस धान का विक्रय किया जाएगा. मंत्रि-मंडलीय उप समिति की बैठक में 17 मई से 20 मई 2021 को सम्पन्न हुई धान की नीलामी में प्राप्त दरों के अनुमोदन के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की गई.
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बैठक में रबी सीजन के धान की आवक, वर्षा ऋतु के शीघ्र आगमन की संभावना एवं विगत दिवसों की धान की नीलामी में प्रस्तुत मात्रा के सापेक्ष में वर्तमान दरों के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया. उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व की स्वीकृत दरों में 50 रुपए प्रति क्विंटल की कमी की गई. मार्कफेड द्वारा नीलामी में धान की किस्मों के अनुसार अलग-अलग प्रस्ताव प्राप्त हुए. मार्कफेड के अधिकारियों ने बताया कि यह नीलामी 91 हजार 94 क्विंटल मोटा एवं सरना धान की कुल 14 लाटों और 48 हजार एक क्विंटल ग्रेड-ए (पतला) धान की 17 लाटों के लिए की गई थी. मोटा एवं सरना धान के लिये 1350 रुपए प्रति क्विंटल एवं इससे अधिक तथा ग्रेड-ए (पतला) धान के लिए 1400 रुपए या इससे अधिक की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई थी. मंत्रि-मंडलीय उप समिति द्वारा इन स्वीकृत दरों का भी अनुमोदन किया गया.
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