नई दिल्ली. अब तक का सबसे बड़ा धूमकेतु 35,405 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है. इस कॉमेट का द्रव्यमान करीब 500 ट्रिलियन टन है और इसका बर्फीला नाभिक 128 किमी चौड़ा है जो अन्य ज्ञात धूमकेतुओं के केंद्रों से 50 गुना बड़ा है. लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का मानना है कि यह सूर्य से करीब 1.60 अरब किमी से अधिक नजदीक नहीं आएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक C/2014 UN271 नाम का धूमकेतु पहली बार नवंबर 2010 में एक दशक से अधिक समय पहले देखा गया था. उस समय यह सूर्य से 4.82 अरब किमी की दूरी पर था और सौर मंडल के किनारे से अपने केंद्र की ओर यात्रा कर रहा था. इसका द्रव्यमान अन्य धूमकेतुओं की तुलना में 100,000 गुना बड़ा है जो आमतौर पर सूर्य के करीब पाए जाते हैं.
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पृथ्वी और अंतरिक्ष में टेलिस्कोप का इस्तेमाल करने वाले वैज्ञानिक तभी से इसकी निगरानी कर रहे हैं. उनका मानना है कि 2031 में इसकी यात्रा हमसे शनि जितनी दूर स्थित एक बिंदू पर खत्म होगी. इस पर नजर रखने वाले वैज्ञानिक जानते थे कि यह विशाल कॉमेट है लेकिन इसके विशालकाय आकार का हालिया अनुमान हबल स्पेस टेलिस्कोप द्वारा ली गई तस्वीरों से लगा है. कॉमेट के आकार का पता लगाना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि इसके चारों ओर धूल के ढेर सारे कण होते हैं जिसके चलते इसे देख पाना बेहद मुश्किल होता है. लेकिन कॉमेट के केंद्र में चमकीले बिंदु को गौर से देखने पर और कंप्यूटर मॉडल्स का इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया. यह कॉमेट अरबों साल पुराना है और हमारे सौर मंडल के शुरुआती दिनों का अवशेष है.









