नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस के एक साथ 14 मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि इन मरीजों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है. जीका के तेजी से बढ़ते मामलों को तेजी हुए प्रशासन भी एक्शन में आ गया है. मरीजों का इलाज काशीराम अस्पताल में कराया जा रहा है. यहां जीका के लिए अलग वार्ड बनाया गया है. इसके अलावा प्रशासन जीका को फैलने से रोकने के लिए तमाम बड़े कदम उठा रहा है. इस साल जीका वायरस का पहला केस केरल में जुलाई में मिला था. यहां तिरुवनंतपुरम की रहने वाली 24 वर्षीय प्रेग्नेंट महिला इससे संक्रमित पाई गई थी. बाद केरल और महाराष्ट्र में जीका के कई केस सामने आए थे.
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बता दें कि जीका एक मच्छर से फैलने वाला वायरस है जो एडीज एजिप्टी नाम की प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक एडीज मच्छर आमतौर पर दिन में काटते हैं. ये वही मच्छर है जो डेंगू, चिकनगुनिया फैलाता है. हालांकि, ज्यादातर लोगों के लिए जीका वायरस का संक्रमण कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन ये प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए खासतौर से भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है. जीका वायरस के कई लक्ष्ण डेंगू जैसे ही रहते हैं, लेकिन ये ज्यादा घातक और जानलेवा साबित होता है. बुखार आना, शरीर पर चकत्ते पड़ना और जोड़ों में दर्द कुछ कॉमन लक्षण हैं जो जीका वायरस से संक्रमित इंसान में देखे जा सकते हैं.
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