रक्षाबंधन का त्योहार प्रति वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार यह पर्व आज 22 अगस्त रविवार को है. रक्षाबंधन इस बार धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशी में चंद्रमा और गुरु रहेंगे जिसके चलते गज केसरी योग रहेगा. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, रक्षाबंधन पर ग्रहों का ऐसा संयोग करीब 474 साल बाद बन रहा है.
शुभ मुहूर्त
सुबह 5 बजकर 50 मिनट से शाम 6 बजकर 03 मिनट का तक राखी बांधी जा सकती है. परंतु सबसे ज्यादा शुभ मुहूर्त सुबह 09:34 से 11:07 तक और 11:57:51 से दोपहर 12:49:52 तक रहेगा.
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शुभ चौघड़िया
सुबह 9 बजे से 10:30 तक लाभ और 10:30 से 12 बजे तक अमृत का चौघड़िया रहेगा. बाद दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. बाद शाम 6 बजे से 7:30 तक शुभ का और रात 7:30 से 9:00 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा.
सबसे अच्छा मुहूर्त
सुबह 11:57:51 से दोपहर 12:49:52 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. बाद रात में 7:30 से 9:00 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा तो इस दौरान भी राखी बांध सकते हो.
राहुकाल
शाम 5 बजकर 16 मिनट 31 सेकेंड से लेकर शाम 6 बजकर 54 मिनट 05 सेकेंड तक रहेगा. इस काल में राखी नहीं बंध सकते हैं.
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राखी बांधने की सही विधि
ज्योतिषियों के अनुसार राखी को सही समय पर सही विधि से बांधना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठाना चाहिए. इसके बाद बहन को पूजा की थाली सजानी चाहिए. पूजा की थाली में चावल, रोली, कुमकुम, अक्षत, राखी, दीपक होना चाहिए. अब अपने भाई को तिलक लगाएं और उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें. इसके बाद अपने भाई की आरती उतारें. अब भाई का मुंह मीठा कराएं. यदि भाई आपसे बड़ा है तो आप चरण स्पर्श करें. वहीं अगर बहन बड़ी है तो भाई को चरण स्पर्श करना चाहिए. राखी बांधते वक्त इस मंत्र का उच्चारण करें- ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।











