रायपुर. न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने पर सोमवार को उप सचिव सौम्या चौरसिया को अदालत में लाया जाना था. इस बीच रणनीति बदली गई और अदालत का आदेश लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग-VC से पेशी की व्यवस्था हुई. सोमवार को सौम्या चौरसिया जेल से ही अदालत में पेश हुईं. इस दौरान ED की ओर से एक आवेदन देकर कहा गया कि चौरसिया के बाहर निकलने से सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा होगा. दलीलों को सुनने के बाद विशेष अदालत ने न्यायिक हिरासत की अवधि 2 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी.
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इस बीच राज्य सरकार ने 15 दिसम्बर को सौम्या चौरसिया को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है. सिविल सेवा आचरण नियम के हिसाब से कोई सरकारी सेवक 24 घंटे के लिए जेल जाए तो उसका निलंबन होता है. ऐसे में 14 दिसम्बर को चौरसिया को जेल भेजा गया और 15 दिसम्बर को निलंबन आदेश जारी हो गया. हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रवर्तन निदेशालय की 10 दिसम्बर को जारी विज्ञप्ति को निलंबन का आधार बनाया है. इस विज्ञप्ति में सौम्या चौरसिया को दो दिसम्बर को गिरफ्तार कर लिए जाने का जिक्र है.







