पारस सांखला
बागबाहरा. इन दिनों पूरा देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है. सरकारों ने ऐहतियात के तौर पर पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया है ताकि इस महामारी से बचा जा सके. पिछले सप्ताह तक लोग सरकारी फरमान के बाद से घरों में दुबके थे, पूरी सावधानी बरत रहे थे. गांव और शहरों की गलियां, सड़कें सूनसान थीं पर जब से सरकार ने राहत देने बैंक खाते में नगद राशि जमा की है तब से व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ने लगी है. अब विकासखण्ड मुख्यालय समेत महासमुंद जिले में अधिकांश लोग बिल्कुल भी सावधानी नहीं बरत रहे हैं. यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बिल्कुल भी नहीं किया जा रहा है. आम दिनों की तरह शहर में चहल-पहल दिखाई देने लगी है. सड़कों पर मुस्तैद पुलिस टीम लोगों को लॉकडाउन का पालन करने समझाइश दे रही है बावजूद खुलेआम सड़कों, बैंकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही है.
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प्रायः सभी बैंकों में भारी भीड़ लग रही है. सरकार द्वारा महिला जन-धन खाते में जारी राहत राशि पांच सौ रुपए निकालने लोग गांवों से शहर पहुंच रहे हैं जिससे सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के निर्देश की धज्जियां उड़ रही है. राज्य सरकार बैकों में लगने वाली भीड़ को पूर्ण रुप से नियंत्रित करने बैंक मित्र के माध्यम से गांवों में राशि का भुगतान कराकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराएं अन्यथा पांच सौ रुपए के चक्कर में गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है. बागबाहरा अनुविभागीय अधिकारी पूरे क्षेत्र में नजर रखे हुए हैं और दान में मिलने वाली हरी सब्जियां, आलू-प्याज, दाल गांव-गांव तक भिजवा रहे हैं. बावजूद लोग शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं.







