नई दिल्ली. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने बुधवार को बैंक की तरफ से सभी तरह के सेविंग अकाउंट में प्रतिमाह न्यूनतम बैलेंस रखने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. एसबीआई के इस फैसले से 44.51 करोड़ ग्राहकों को फायदा होगा. अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेविंग अकाउंट होल्डर्स को मिनिमम बैलेंस चार्ज नहीं देना पड़ेगा. अब बैंक के ग्राहक अकाउंट में अपने हिसाब से बैलेंस रख सकेंगे. बैंक की ओर से इस पर किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा बैंक ने एसएमएस चार्ज को भी माफ कर दिया है. एसबीआई ने बुधवार को एक बयान में कहा कि देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए उसने अपने सभी 44.51 करोड़ बचत खाताधारकों के लिए औसत मासिक न्यूनतम राशि (एएमबी) रखने की अनिवार्यता खत्म कर दी है.
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बता दें कि शहरी इलाकों में एसबीआई खाताधारकों को न्यूनतम बैलेंस के तौर पर 3000 रुपए रखना होता है. वहीं कस्बों के लिए यह लिमिट 2000 रुपए है, जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए न्यूनतम बैलेंस की लिमिट 1,000 रुपए है. ऐसा न होने पर बैंक की तरफ से ग्राहकों से पेनल्टी के तौर पर 5 से 15 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से काट लिए जाते थे. इससे पहले एसबीआई ने अलग-अलग मैच्योरिटी अवधि की फिक्सड डिपॉजिट और मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में कटौती की घोषणा की. बैंक ने एक महीने में दूसरी बार फिक्सड डिपॉजिट ब्याज में कटौती की है. इससे बचत खाताधारकों को नुकसान होगा जबकि एमसीएलआर कटौती से नए लोन लेने वाले ग्राहकों को राहत मिलेगी.
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