पिथौरा. रेत चोरी के लिए चर्चित जोंक नदी में आज गुरूवार को अचानक पानी आ जाने से करीब आधा दर्जन भर ट्रैक्टर नदी में ही डूब गई. ट्रैक्टर डूबने से इनके मजदूरों ने किसी तरह बाहर निकल कर अपनी जान बचाई. सुबह से नदी में करीब आधा सैकड़ा ट्रैक्टर रेत भरने के लिए पहुंचे थे. इनमे से करीब 40-50 ट्रैक्टरों के द्वारा रेत निकाली जा चुकी थी पर अचानक ही नदी में पानी बढ़ गया और दो ट्रैक्टर नदी में अचानक बढ़े उस पानी में डूबे नजर आए. ज्ञात हो कि जोंक नदी जिले के पिथौरा विकासखण्ड के सांकरा से होकर गुजरती है.
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यहां वर्ष भर चौबीसों घण्टे रेत का उत्खनन होता रहता है. विगत दिनों अवैध रेत भंडारण की एक खबर पर खनिज विभाग ने भंडारण स्थल पर तो कार्रवाई की थी. जिसके प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने भी पुष्टि की थी पर यह कार्रवाई जिला खनिज कार्यालत तक नहीं पहुंच पाई थी. पर आज की प्राकृतिक घटना ने रेत माफिया के साथ खनिज विभाग की मिलीभगत की भी पोल खोल दी है. ग्रामीण सूत्रों के अनुसार आज गुरुवार की सुबह नदी में बहुत कम पानी था जिसके चलते ट्रैक्टर रेत भरने के लिए पहुंचे थे और सुबह 10 बजे के पहले लगभग 40-50 ट्रैक्टर रेत निकाल चुके थे.
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लेकिन जैसे ही दिन के 10 बजे सांकरा के पास बहने वाली जोक नदी में अचानक बाढ़ आ गई. जिससे नदी में रेत भर रहे दो ट्रैक्टर पानी में डूब गए. वही रेत भरने वाले लोगों ने भागकर अपनी अपनी जान बचाई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभी समाचार लिखे जाने तक नदी में लगभग 5 फुट पानी नजर आ रहा है. बहरहाल, अब खनिज विभाग की रेत चोरी नहीं होने संबंधी बयान की पोल भी खुल गई. खनिज अधिकारी ने अभी 15 अक्टूबर तक रेत उत्खनन ने रोक की बात भी कही थी बावजूद रेत का काला खेल अब भी जारी है.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) June 17, 2021







