नई दिल्ली. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को दुनिया का सबसे सफल सलामी बल्लेबाज माना जाता है. लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि सलामी बल्लेबाजी करने के लिए तेंदुलकर को काफी मिन्नतें करनी पड़ी थीं. सचिन ने अपने करियर के ‘टर्निंग प्वॉइंट’ को याद करते हुए कहा कि 1994 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में भारत के लिए पारी का आगाज करने के लिए उन्हें ‘विनती करनी पड़ी थी. एक चैट शो में सचिन ने ओपनिंग में शुरुआत करने के बारे में मजेदार किस्सा सुनाया. उन्होने बताया कि 1994 में जब मैंने भारत के लिए बल्लेबाजी का आगाज किया था तो सभी टीमों की रणनीति विकेट बचाए रखने की होती थी. लेकिन मैंने थोड़ा इससे हटकर करने की कोशिश की.’
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सचिन ने कहा, ‘मैंने सोचा कि मैं आगे बढ़कर प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों का डटकर सामना कर सकता हूं. लेकिन मुझे विनती करनी पड़ी कि प्लीज मुझे मौका दो. अगर मैं फेल हुआ तो मैं फिर आपके पास नहीं आऊंगा.’ अपने उस कदम को उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल करते हुए पूर्व बल्लेबाज ने अपने फैन्स से आग्रह किया कि फेल होने के डर से जोखिम लेने से डरो मत. सचिन ने कहा, ‘न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में पहले मैच में मैंने 49 गेंद में 82 रन बनाए इसलिए मुझे दोबारा नहीं पूछना पड़ा कि मुझे दूसरा मौका मिलेगा या नहीं. वे चाहते थे कि मैं पारी का आगाज करूं. लेकिन मैं यहां यह बताने की कोशिश कर रहा हूं कि मैं नाकामी से नहीं डरा. बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने जब 1994 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ओपनिंग की, तब टीम के कप्तान अजहरुद्दीन और कोच अजित वाडेकर थे.
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