नई दिल्ली. एक स्टडी से खुलासा हुआ है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वेरिएंट जिम्मेदार है. ये जानकारी INSACOG और NCDC की स्टडी से सामने आई है. देश में इस वैरिएंट को चिंता का विषय बताया गया है. अब तक इसके 12000 से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं. डेल्टा (B1.617.2) अल्फा (B.1.1.7) की तुलना मे 50 फीसदी तेजी से फैलता है. इसमें दिलचस्प बात यह है कि वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना के इस वेरिएंट से संक्रमित होने की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं. वहीं कोरोना के अल्फा वेरिएंट की बात करें तो टीका लगने के बाद इस वैरिएंट से एक भी व्यक्ति कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ है.
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दूसरी लहर में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट ने सभी वैरिएंटों को पीछे छोड़ दिया और देश में कोरोना का सबसे प्रमुख वैरिएंट मौजूदा समय में डेल्टा ही है. बता दें कि कुल 29000 जीनोम अनुक्रमण (सिक्वेंसिंग) में 1000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. अब तक इस वेरिएंट के 12,200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इस वेरिएंट की मौजूदगी देश के सभी राज्यों में है. डेल्टा वेरिएंट का सबसे ज्यादा असर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा और तेलंगाना में देखने को मिला है.
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