महासमुंद. प्रदेश भर में प्रवासी मजदूरों को असुविधायुक्त स्कूल भवनों में क्वारंटाइन करने पर अब आपत्ति उठने लगी है. पहले से ही अत्यंत परेशान होकर जैसे-तैसे अपने घर पहुंचने वाले मजदूरों को शहरी प्रवासियों की तरह होम क्वारंटाइन किया जाना चाहिए. परेशान मजदूरों को और अधिक परेशान करना उचित प्रतीत नहीं होता. छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संघ के संयोजक ललित चंद्रनाहू ने मजदूरों को सरकारी क्वारंटाइन सेंटर में हो रही परेशानी के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि दीगर प्रदेशों से वापस आ रहे मजदूर बहुत ज्यादा परेशान हैं. छोटे बच्चों एवं कुछ बुजुर्गों के साथ लौटे मजदूर सिर पर समान उठाए इधर-उधर भटक रहे हैं. प्रशासन द्वारा ग्रामीण स्कूल भवनों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है. इन सेंटरों में पानी, खाना, नहाना एवं अन्य दैनिक क्रिया की कोई खास व्यवस्था नहीं है.
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अब पहली बारिश में ही अनेक सेंटर में जहरीले सांप, बिच्छू घुसने लगे हैं जिससे हमेशा मजदूरों की जान खतरे में रहती है इसलिए इस ओर खास ध्यान देने की आवश्यकता है. इस सम्बंध में श्री चंद्रनाहू ने बताया कि वापस लौट रहे प्रवासी मजदूरों में अनेक मजदूर ऐसे हैं जो सपरिवार वापस आए हैं और उन्हें भी क्वारंटाइन होना पड़ रहा है. इन मजदूरों को उन्ही के घरों में क्वारंटाइन किया जाना चाहिए एवं कच्चा राशन उपलब्ध कराया जाना चाहिए जिससे वे स्वयं अपने घर में ही बन्द रहकर घर में ही दैनिक क्रिया कर पाएंगे एवं शासन का बोझ भी कम होगा और मजदूर घर में ही रह कर अपने घरों की बरसात हेतु मरम्मत कर सकते हैं. सरकार ग्रामीण एवं शहरी लोगो के बीच सौतेला व्यवहार कर रही है. जब सरकारी प्रवासी शहरी कर्मियों या विद्यार्थियों को होम क्वारंटाइन की छूट दे सकती है तो ऐसे ग्रामीण जो घरों में ताला लगाकर बाहर गए थे तब उन्हें होम क्वारंटाइन करने में क्या परेशानी हो सकती है.
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श्री चंद्रनाहू ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर ही जब शहरी ग्रामीणों की सुविधा में भेदभाव करने लगे तब बेचारे मजदूरों की परेशानी कैसे कम होगी. इसलिए ग्रामीण प्रवासी मजदूरों को भी होम क्वारंटाइन की सुविधा मिलनी चाहिए. जानकारी के अनुसार सरकारी तौर पर क्वारंटाइन करने का सबसे भयावह नजारा पिथौरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बोइरलामी और बागबाहरा ब्लॉक के नरतोरी में दिखा. बोइरलामी स्कूलों के कुल 4 कमरों में अब तक 192 मजदूर मौजूद हैं. जबकि कल-परसो में कोई 492 मजदूर और भी आ रहे है. इसी तरह नरतोरी के 5 कमरों में 150 मौजूद हैं तथा 150 आज और आने वाले हैं. इस संबंध में क्षेत्र के नोडल अधिकारी के के ठाकुर ने उक्त मामले की पुष्टि की है. श्री ठाकुर ने बताया समस्या तो है पर इससे निपटने समीप के ग्राम उदरलामी के स्कूल आंगनबाड़ी में व्यवस्था की जा रही है.
5 कमरों में 150 मजदूरों को रखा, गांवों में क्वारंटाइन सेंटर का गंभीर अभाव https://t.co/hP77r7OkZ8
— Cg Janadesh (@CJanadesh) June 13, 2020







