रक्षाबंधन का त्योहार 3 अगस्त को मनाया जाएगा है. रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का पर्व है. इन दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और अपने भाइयों की सुख और समृद्धि की कामना करती हैं. इस बार रक्षाबंधन का मुहूर्त बेहद विशेष है. ऐसा मुहूर्त 29 वर्षों बाद आया है. राहुकाल प्रात: 7:30 से 9 बजे तक है (इस समय राखी न बांधें). राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होनी चाहिए. कहते हैं कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया. कल भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है.
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राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 9:30 से 11:07 मिनट तक है. चर लग्न दोपहर 2:.22 मिनट से 3.59 मिनट तक है. अमृत लग्न शाम 5:36 मिनट से रात 7.13 तक है. चर लग्न 7:13 मिनट से रात 8:36 मिनट तक है.
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राखी बांधने की सही विधि
ज्योतिषियों के अनुसार राखी को सही समय पर सही विधि से बांधना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठाना चाहिए. इसके बाद बहन को पूजा की थाली सजानी चाहिए. पूजा की थाली में चावल, रोली, कुमकुम, अक्षत, राखी, दीपक होना चाहिए. अब अपने भाई को तिलक लगाएं और उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें. इसके बाद अपने भाई की आरती उतारें. अब भाई का मुंह मीठा कराएं. यदि भाई आपसे बड़ा है तो आप चरण स्पर्श करें. वहीं अगर बहन बड़ी है तो भाई को चरण स्पर्श करना चाहिए. राखी बांधते वक्त इस मंत्र का उच्चारण करें- ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।











