नई दिल्ली. राहुल गांधी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया से बात की. उन्होने कहा कि कांग्रेस ने सरकार को कुछ सुझाव देने का फैसला किया है. राहुल ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब छोटे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया जाए और लॉकडाउन को खोलने की तैयारी की जाए. उन्होने कहा कि अब सरकार को बताना चाहिए कि क्या हो रहा है, जनता को बताना होगा कि आखिर लॉकडाउन कब खुलेगा. लोगों को बताना जरूरी है कि किस परिस्थिति में लॉकडाउन खोला जाएगा. लॉकडाउन के दौरान काफी कुछ बदल गया है, अभी ये महामारी काफी खतरनाक हो गई है. उन्होने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन को केंद्र सरकार का हिस्सेदार बनाना चाहिए और रणनीति पर साथ काम करना चाहिए.
अब लॉकडाउन को खोलने की जरूरत है, किसी भी अगर कारोबार वाले से पूछें तो सप्लाई चेन को लेकर दिक्कत सामने आएगी. प्रवासी मजदूर, गरीब, छोटे कारोबारियों को आज पैसे की जरूरत है, वरना नौकरी जाने की सुनामी आ जाएगी. राहुल ने कहा कि मुख्यमंत्रियों ने हमें अपने राज्य की हालत बताई, केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा है. अभी देश में सामान्य हालात नहीं हैं, इस लड़ाई को जिले तक ले जाना जरूरी है. अगर पीएमओ में ये लड़ाई लड़ी जाएगी, तो लड़ाई हारी जाएगी. ये बीमारी सिर्फ एक फीसदी के लिए खतरनाक है, बाकी 99 फीसदी के मन में डर का माहौल है. उन्होने कहा कि आज कोई RSS, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, हर किसी को एक हिन्दुस्तानी की तरह खड़ा होना पड़ेगा और लड़ना होगा. आज हर किसी को डर के माहौल को खत्म करना है, वरना लॉकडाउन नहीं हटेगा. राहुल ने कहा कि भारत में जून और जुलाई के बाद भी कोरोना की रफ्तार बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार को तैयार रहना होगा. कांग्रेस नेता ने एक बार फिर लोगों के खाते में सीधा पैसा पहुंचाने की मांग की और न्याय योजना लागू करने को कहा.
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