रजिंदर खनूजा
पिथौरा. कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच क्षेत्र में होली पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं. होलिका दहन के समय नगाड़ों पर रोक के बावजूद नगाड़े भारी संख्या में बिक चुके हैं वहीं रंग गुलाल की दुकानों में भी रौनक बढ़ गई है. होली पर्व इस वर्ष कोविड-19 के प्रभाव के कारण प्रशासनिक बंदिशों में मनाए जाने का आदेश है. पर क्षेत्र में होली मनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की बिक्री देखकर ऐसा लगता नहीं है कि लोगों में कोरोना का कोई भय भी है. नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में होली की तैयारी धूमधाम से चल रही है. ज्ञात हो कि क्षेत्र में प्रशासन की गम्भीर बंदिश एवं लगातार चेतावनी के बावजूद लोगों में किसी तरह का कोई असर पड़ता दिख नहीं रहा.
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नगाड़ों की बिक्री पूर्ववत

प्रतिवर्ष झलप से पिथौरा आकर नगाड़ा बेचने वाले वृद्ध मोहन ने इस प्रतिनिधि को बताया कि वे विगत एक दशक से झलप में मिट्टी की हांडी का नगाड़ा बनाकर पिथौरा बेचने आते हैं. पहले छोटा-बड़ा मिलाकर करीब 200 जोड़ी तक नगाड़े बिक जाते थे. इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से 100 जोड़ी छोटे और 50 जोड़ी बड़े नगाड़े बनाकर लाए थे. छोटे 120 एवं बड़े 450 रुपए प्रति जोड़ी की दर से उन्होंने नगाड़े बेचे है. छोटे पूरे समाप्त हो गए अब बड़े नगाड़े ही करीब 5 जोड़ी बचे हैं जिनकी भी बिक्री की संभावना है.
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आकर्षित कर रहा हर्बल गुलाल
इधर, रासायनिक रंग गुलाल के बीच मुढ़ीपार महिला वन समिति द्वारा तैयार गुलाल भी इस बार बाजार में है. महंगा होने के कारण इसकी मांग कम है पर शहरी ग्राहक इसे अवश्य खरीद रहे हैं. रंग गुलाल दुकानों में इस बार पूर्व की तरह भीड़ तो नहीं है पर चिल्हर ग्राहकी अवश्य है. कुछ दुकानदारों ने बताया कि रंग-गुलाल होली के एक दिन पहले यानी रविवार को ही लोग खरीदने आएंगे इसलिए अभी बाजार में सन्नाटा है. इस वर्ष के हालात भले ही कोरोना के कारण दहशत भरा है पर ग्रामीण क्षेत्रो में इसका बहुत ज्यादा असर नहीं है. लिहाजा ग्रामीण ग्राहकों का रुख देखकर रंग व्यवसायी भी अच्छी दुकानदारी होने की उम्मीद में है.







