नई दिल्ली. झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी पर फैसले से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को कुछ विधायक सामान लेकर सीएम आवास पहुंचे. सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के विधायक आज छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो सकते हैं. अटकलें लगाई जा रही हैं कि हॉर्स ट्रेडिंग रोकने के डर से उन्हें कांग्रेस शासित राज्यों में भेजा जा सकता है. हालांकि कुछ विधायकों ने इस दावे का खारिज किया गया है. इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा वाले पिछले पांच माह से उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.
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राजभवन में क्या षड्यंत्र रचा जा रहा है, पता नहीं कल क्या होगा. उन्होंने कहा- मैं आश्वस्त करता हूं कि भाजपा को हर मोर्चे पर सका मुंहतोड़ जवाब दूंगा. आपका साथ और विश्वास ही मेरी ताकत है. मुख्यमंत्री शुक्रवार को महुआडांड़ के टूटूआपानी में विकास योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. हेमंत सोरेन ने अपने पिता शिबू सोरेन के विरुद्ध लोकपाल में हुए केस का भी जिक्र किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी जितनी भी ताकत लगा लें, झारखंड सरकार को हिला नहीं सकते हैं.









