नई दिल्ली. कानपुर और वाराणसी में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू कर दी गई है. गुरुवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया. दोनों ही जिलों को दो-दो हिस्सों में बांट दिया गया है. वाराणसी में वाराणसी नगर और ग्रामीण और कानपुर में कानपुर नगर व कानपुर आउटर के रूप में बांटा गया है. कैबिनेट के निर्णय के बाद अब उक्त दोनों जिलों में पुलिस कमिश्नर की तैनाती की जाएगी. वाराणसी नगर में पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण में एसपी को कमान सौंपी जाएगी. इसी तरह कानपुर नगर में पुलिस कमिश्नर और कानपुर आउटर में एसपी को जिम्मेदारी दी जाएगी. जिलाधिकारी का दखल ग्रामीण क्षेत्रों में ही रहेगा. नगर क्षेत्र कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था में जिलाधिकारी का दखल नहीं रहेगा.
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वाराणसी और कानपुर को दो-दो भागों में बांटा गया है. वाराणसी नगर में 18 पुलिस थाने होंगे जबकि वाराणसी ग्रामीण में 10 थाने होंगे. इसी तरह कानपुर नगर में 34 थाने होंगे और कानपुर आउटर में 11 थाने होंगे. वाराणसी नगर को दो जोन में जबकि कानपुर नगर को चार जोन में बांटा गया है. हर जोन में डीसीपी की तैनाती की जाएगी. बता दें कि लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम लागू किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल कहा था कि प्रदेश में कमिश्नरी सिस्टम उन जिलों में लागू किया जाना चाहिए, जहां पर आबादी 10 लाख से ज्यादा हो. लखनऊ में 29 लाख तो नोएडा जिले की आबादी 25 लाख के करीब है.
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