नई दिल्ली. 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के इसी समय में हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूती भी दुनिया ने देखी है. इतने बड़े स्तर पर चुनाव होना, समय पर परिणाम आना, सुचारु रूप से नई सरकार का बनना, ये इतना भी आसान नहीं है. हमें हमारे संविधान से जो ताकत मिली है, वो ऐसे हर मुश्किल कार्यों को आसान बनाती है. उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ केवल विचार-विमर्श का मुद्दा नहीं बल्कि यह भारत की जरूरत है.
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देश में हर कुछ महीनों में कहीं न कहीं चुनाव होता है और इसका प्रभाव विकास कार्य पर पड़ता है. इस मुद्दे का अध्ययन करने की आवश्यकता है और पीठासीन अधिकारी इसके लिए मार्गदर्शक हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि समय के साथ जो कानून अपना महत्व खो चुके हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए. बीते सालों में ऐसे सैकड़ों कानून हटाए जा चुके हैं. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान के मूल्यों का प्रसार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह ‘केवाईसी- नो योर कस्टमर’ डिजिटल सुरक्षा की कुंजी है, उसी तरह ‘केवाईसी-नो योर कांस्टिट्यूशन’, संवैधानिक सुरक्षा की बड़ी गारंटी हो सकता है.
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