नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज जन्मदिन है. इस मौके पर पीएम मोदी नामीबिया से आए 8 चीतों में से 3 को मध्य प्रदेश के कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में बने क्वारंटाइन बाड़ों में छोड़ दिया है. पीएम मोदी ने चीते बाड़े में छोड़ने के बाद खुद कैमरा लेकर इनके फोटो भी क्लिक किए. इसके साथ ही 74 साल बाद भारत में चीतों की आवाज सुनाई देगी. इन चीतों को विशेष विमान के जरिए ग्वालियर एयरपोर्ट लाया गया था. यहां से चिनूक हेलिकॉप्टर से इन्हें कूनो नेशनल पार्क ले जाया गया था. प्रोजेक्ट चीता का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश में दशकों बाद चीते वापस आए हैं. इसके लिए हम नामीबिया की सरकार को धन्यवाद देते हैं. जिनकी वजह से ये काम पूरा हुआ है.
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उन्होंने कहा ये दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ. आज आजादी के अमृतकाल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है. पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि कुनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों को देखने के लिए देशवासियों को कुछ महीने का धैर्य दिखाना होगा, इंतजार करना होगा. आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं, इस क्षेत्र से अनजान हैं. कुनो नेशनल पार्क को ये चीते अपना घर बना पाएं, इसके लिए हमें इन चीतों को भी कुछ महीने का समय देना होगा. अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन्स पर चलते हुए भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है.
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