नई दिल्ली. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को ओड़िशा तट के पास डॉ अब्दुल कलाम द्वीप से मानव रहित स्क्रैमजेट के हाइपरसोनिक स्पीड फ्लाइट का सफल परीक्षण किया. हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली के विकास को आगे बढ़ाने के लिए आज का परीक्षण एक बड़ा कदम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर वैज्ञानिकों को इसके लिए बधाई दी है और उनकी तारीफ की है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया- आज हाइपरसोनिक टेस्ट डिमॉन्स्ट्रेशन व्हीकल की सफल उड़ान के लिए डीआरडीओ को शुभकामनाएं. हमारे वैज्ञानिकों ने स्क्रैमजेट इंजन विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है. इसकी गति ध्वनि की गति से छह गुना ज्यादा होगी. आज बहुत कम देशों के पास ऐसी क्षमता है.
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खासियत : हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल हाइपरसोनिक स्पीड फ्लाइट के लिए मानव रहित स्क्रैमजेट प्रदर्शन विमान है. जो विमान 6126 से 12251 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़े, उसे हाइपरसोनिक विमान कहते हैं. भारत के एचएसटीडीवी (HSTDV) का परीक्षण 20 सेकंड से भी कम समय का था.12,251 किमी प्रति घंटा यानी 3.40 किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति. इतनी गति से जब यह दुश्मन पर हमला करेगा तो उसके बचने का मौका भी नहीं मिलेगा. हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल के सफल परीक्षणों के बाद अगर इसे बनाकर उड़ाने में एक बार इसमें सफलता मिल जाएगी तो भारत ऐसी तकनीक हासिल करने वाले देशों के चुनिंदा क्लब में शामिल हो जाएगा. इस विमान का उपयोग मिसाइल और सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए हो सकता है. इसका इस्तेमाल कम लागत पर उपग्रह लॉन्च करने के लिए भी किया जा सकता है.
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Congratulations to @DRDO_India for successful flight of the Hypersonic Test Demonstration Vehicle today. The scramjet engine developed by our scientists helped the flight achieve a speed 6 times the speed of sound! Very few countries have such capability today.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 7, 2020









