नई दिल्ली. प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि वे देशवासियों से क्षमा मांगते हैं, क्योंकि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं जिनसे देशवासियों को तकलीफ उठानी पड़ रही है, पीएम मोदी ने गरीबों से विशेषकर क्षमा मांगी है. उन्होने कहा कि कुछ फैसलों की वजह से आपकी जिंदगी में परेशानी आ गई है. गरीबों को खास दिक्कत हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मालूम है कि आपमें से कुछ हमें नाराज भी होंगे. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए ये कदम जरूरी थे. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद ले बैठा है. उन्होंने कहा कि लॉक डाउन आपको बचाने के लिए लगाया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि वे समझते हैं कि कोई भी जान बूझकर कानून नहीं तोड़ना चाहता है. लेकिन कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं.
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पीएम ने कहा कि वे ऐसे लोगों से कहना चाहते हैं कि अगर वे लॉकडाउन का पालन नहीं करते हैं तो इस बीमारी का पालन करना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को न मानने वाले लोग अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में कोरोना वायरस के संक्रमण में आए और इलाज करवाकर ठीक हुए लोगों से बात की. पीएम ने कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों से बात की. उन्होने आचार्य चरक की पंक्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि जो बिना किसी भौतिक कामना के मरीजों की सेवा करता है, वही सच्चा और सबसे बढ़िया डॉक्टर है. पीएम ने कहा कि वे सभी नर्सों को सैल्यूट करते हैं जो अतुलनीय निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंस बढ़ाने को कहा है, लेकिन इस दौरान वे इमोशनल डिस्टेंस घटा सकते हैं और अपने सगे-संबंधियों, पुराने दोस्तों, परिचितों से बात कर सकते हैं. अपने शौक पूरा कर सकते हैं.
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