नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके 8 सहयोगी संगठनों को 5 साल के लिए बैन कर दिया. सरकार ने ये कदम PFI के ठिकानों पर एनआईए समेत तमाम जांच एजेंसियों की ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद उठाया गया. एनआईए, ईडी और राज्यों की पुलिस और एटीएस ने देशभर में पीएफआई के ठिकानों पर 22 सितंबर और 27 सितंबर को छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसियों को छापे के दौरान PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे.
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इसके आधार पर गृह मंत्रालय ने PFI पर बैन लगाने का फैसला किया. गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है. यूएपीए एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है. बता दें कि PFI एक कट्टरपंथी संगठन है.2017 में NIA ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. एनआईए जांच में इस संगठन के कथित रूप से हिंसक और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के बात आई थी. एनआईए के डोजियर के मुताबिक यह संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया.
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