नई दिल्ली. केन्द्र की मोदी सरकार ने बुधवार को 11,040 करोड़ रुपए के पाम ऑयल मिशन को मंजूरी दी है. बता दें कि पाम ऑयल एक तरह का खाने का तेल है जो ताड़ के पेड़ के बीजों से निकाला जाता है. भारत को खाने के तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए, केंद्रीय मंत्रिमंडल से बुधवार को एक नई योजना- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम की घोषणा की है. इस मिशन से भारत की निर्भरता को कम करेगा. सरकार की इस मिशन से पाम ऑयल के आयात पर निर्भरता घटेगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी. साथ ही साथ ऑयल इंडस्ट्री को भी फायदा होगा. पीएम मोदी ने ट्विटर पर कहा कि- सरकार नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स और ऑयल पाम के जरिए 11,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी, ताकि किसानों को बेहतर बीज और तकनीक सहित हर संभव मदद मिल सके.
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पत्रकारों से कहा कि भारत सरकार ने आज दो निर्णय लिए है. पाम तेल के कच्चे माल का दाम केंद्र सरकार तय करेगी. इसके साथ ये भी निर्णय किया गया है कि अगर बाजार में उतार चढ़ाव आया और किसान की फसल का मूल्य कम हुआ तो जो अंतर की राशि है वो केंद्र सरकार DBT के माध्यम से किसानों को भुगतान करेगी. उन्होने कहा कि खेती के सामग्री में जो पहले राशि दी जाती थी उस राशि में भी बढ़ोतरी की गई है. पूर्वोत्तर क्षेत्र में लोग इंडस्ट्री लगा सके इसके लिए इंडस्ट्री को भी 5 करोड़ रुपए की सहायता देने का निर्णय लिया गया है.
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Union Cabinet has approved the implementation of National Mission on Edible Oils – Oil Palm with a financial outlay of Rs 11,040 crores: The focus is on increasing area and productivity of oilseeds and oil Palm: Union Minister Narendra Singh Tomar pic.twitter.com/o4MVEiaSd0
— ANI (@ANI) August 18, 2021









