खरसिया. शराब प्रेमियों के लिए सरकार द्वारा विशेष रियायत बरती जा रही है, वहीं अधिकारियों की शह पर दुकान संचालकों द्वारा मदिरा प्रेमियों की जेब पर डाका डालने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही. बताया जा रहा है कि ऑनलाइन उपलब्ध स्टॉक की बुकिंग डिलीवरी चार्ज सहित करने के बावजूद मदिरा प्रेमियों को दुकानों तक पहुंच कर शराब लेने की मजबूरी बनी हुई है, वहीं मनपसंद ब्रांड के पैसे देने के बावजूद भी उन्हें वही ब्रांड खरीदना होता है जो दुकान संचालक को बेचने के निर्देश मिले हुए हैं. कोरोना प्रोटोकॉल के विपरीत मदिरा की दुकानों पर उचित व्यवस्था का अभाव भी बना हुआ है.
http://SBI का नया नियम : अब चार घंटे खुलेगा बैंक और मिलेंगी सिर्फ ये सुविधाएं
ऐसे में संक्रमण के बीच पहुंच कर मदिरा प्रेमी अपने सूखे गलों को तर कर रहे हैं. वहीं सूत्रों की मानें तो देसी मदिरा जो मजदूर वर्ग अधिक खरीदते हैं, वे ऑनलाइन की बुकिंग ज्यादातर नहीं कर रहे. ऐसे में उन्हें अधिक पैसे चुका कर पव्वा खरीदने की मजबूरी बनी हुई है. बताया जा रहा है कि 150 रुपए प्रति बोतल में इन्हें दुकान में शराब मुहैया करवाई जाती है, वह भी एक साथ तीन या चार खरीदने पर. यह समझना कठिन है कि जब ऑफलाइन बिक्री ही करनी है तो ऑनलाइन का चोंचला कर मदिरा प्रेमियों से 118 रुपए अतिरिक्त क्यों लिए जा रहे हैं.
http://श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के मुख्य कोच होंगे राहुल द्रविड़
खरसिया मदिरा दुकान की मनमानियां को लेकर जिला आबकारी निरीक्षक रमेश अग्रवाल से बात की गई. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कैरेट में एक बोतल भी फूट जाने की वजह से सभी बारकोड खराब हो जाते हैं, ऐसे में बिना बारकोड के बिक्री करनी पड़ती है, जबकि वह स्टाक ऑनलाइन में शो होते रहता है. वहीं कहा कि लॉकडाउन की वजह से पर्याप्त लेबर नहीं मिल पाते, ऐसे में बैरिकेड की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई होगी, आज पहला ही दिन है, व्यवस्था कर ली जाएगी.







