नई दिल्ली. भारत में ओमिक्रॉन का नया सब-वेरिएंट्स BF.7 सामने आया है. इसको लेकर चिंता की बात यह है कि यह अन्य सब-वेरिएंट के मुकाबले तेजी से लोगों के बीच फैल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर ने BF.7 के पहले मामले का पता लगाया है. इस नए ओमिक्रॉन वेरिएंट को अत्यधिक संक्रामक माना जा रहा है और इसमें अन्य सब-वेरिएंट के मुकाबले अधिक ट्रांसमिसेबल यानी कि संचरण क्षमता ज्यादा है. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार ‘ओमिक्रॉल स्पॉन’ के रूप में जाना जाने वाला BF.7, 4 अक्टूबर को चीन के यंताई और शोगुआन शहर में पाया गया था. ओमिक्रॉन का यह वेरिएंट संयुक्त राज्य अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम जैसे अन्य देशों में भी पहुंच गया है.
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कथित तौर पर ओमिक्रॉन वेरिएंट BF.7, एक अन्य वेरिएंट BA.5.1.7 के कारण चीन में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल आए हैं. द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, ओमिक्रॉन का BF.7 या BA.2.75.2 वेरिएंट अन्य वेरिएंट के मुकाबले पहले के वैक्सीनेशन और एंटीबॉडी से बच सकता है. इसके चलते इसे और अधिक संक्रामक माना जा रहा है. स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टिट्यूट के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बार की सर्दी में SARS-CoV-2 संक्रमण के बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है. जब तक कि लोगों की इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए दोबारा वैक्सीनेशन नहीं किया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी अत्यधिक संक्रामक BF.7 के खिलाफ एक चेतावनी जारी की है और कहा है कि नया सब वेरिएंट कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक वेरिएंट बन सकता है.
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