नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर इसे हॉकी के ‘जादूगर’ कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया- देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए. लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है.
http://ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, वित्त वर्ष 2022 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 9.5% पर बरकरार
उन्होने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया है. उन्होंने कहा कि अब हॉकी में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है जो आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है. खेल रत्न सम्मान के तहत 25 लाख रुपए नकद पुरस्कार दिया जाता है. बता दें कि 29 अगस्त 1905 में इलाहाबाद में जन्मे ध्यानचंद को भारतीय हॉकी के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है. महज 16 साल की उम्र में वो सेना में भर्ती हो गए थे. बाद उन्होंने 1922 के बाद से आर्मी टूर्नामेंट्स में खेलना शुरू किया.
http://ट्रक की ठोकर से 5 मवेशियों की मौत, रोज हो रहे हादसे
फील्ड पर उनके कौशल को देखकर ध्यानचंद को भारतीय सेना की टीम में शामिल किया गया. 1926 में टीम के साथ न्यूजीलैंड टूर पर गए थे. कहा जाता है कि टूर्नामेंट में उनकी टीम ने 21 में 18 में जीत दर्ज की थी और ध्यानचंद को उनके प्रदर्शन के लिए काफी सराहना मिली थी. भारत लौटने पर उन्हें लांस नायक बनाया गया. उन्होंने साल 1940 तक हॉकी खेलना जारी रखा और 1956 में सेना से मेजर के तौर पर रिटायर हुए. सेवानिवृत्त होने के बाद कोच बन गए थे. हॉकी के इस जादूगर ने 3 दिसंबर 1979 को दिल्ली में अंतिम सांस ली.









