नई दिल्ली. एक ओर जहां निर्भया के माता-पिता और पूरा देश सात साल से उसके गुनहगारों को फांसी पर लटकता देखने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. दरअसल, इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां आशा देवी से अपील की है कि वे अपने बेटी के बलात्कारियों की फांसी की सजा माफ कर दें. इंदिरा जयसिंह ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का हवाला दिया है और कहा है कि सोनिया ने जिस तरह राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी की मौत की सजा माफ कर दी है, ऐसा ही उदाहरण आशा देवी को पेश करना चाहिए. इंदिरा जयसिंह ने कहा कि वे आशा देवी के दर्द और वेदना को समझती हैं, लेकिन मृत्युदंड के खिलाफ हैं.
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आशा देवी ने इंदिरा जयसिंह की अपील पर भड़कते हुए कहा कि इंदिरा जयसिंह को इस तरह का सुझाव देने की हिम्मत कैसे हुई. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से ही रेप पीड़ितों के साथ इंसाफ नहीं हो पाता है. उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई बार मिलीं, लेकिन उन्होंने एक बार भी उनका हाल-चाल नहीं पूछा. आज वो दोषियों के हक में बोल रही हैं. आशा देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोग बलात्कारियों को सपोर्ट कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं, इसलिए पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता है.
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Asha Devi: Can't believe how Indira Jaising even dared to suggest such this. I met her many times over the years in Supreme Court,not once she asked for my wellbeing& today she is speaking for convicts.Such ppl earn livelihood by supporting rapists,hence rape incidents don't stop https://t.co/Gjf02l9LT4 pic.twitter.com/Rl3sMbppl5
— ANI (@ANI) January 18, 2020









