नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया है. इसके साथ ही अदालत ने मुकेश के वकीलों द्वारा की जा रही दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग को भी खारिज कर दिया है. मुकेश ने दया याचिका खारिज होने को चुनौती दी है. जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष मुकेश की वकील अंजना प्रकाश, रिबेका जॉन और वृंदा ग्रोवर ने तिहाड़ प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए.
http://भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
बचाव पक्ष की वकील ने कोर्ट से कहा कि आपको हर कदम पर अपना दिमाग लगाना होता है. आप किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. जेल में मुकेश के साथ बुरी तरह मारपीट हुई थी. मुकेश का आरोप है कि तिहाड़ में उसका यौन शोषण हुआ और उसे निर्भया केस के अन्य आरोपी अक्षय के साथ सबके सामने शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा गया. उसे पहले दिन से ही जेल में मारा गया है और पांच साल से वह डर से सो नहीं पाया है.
http://छात्रा को घर छोड़ने के बहाने कार में बिठाया फिर दुष्कर्म, 6 गिरफ्तार









