बलौदाबाजार. लॉकडाउन में आम मजदूरों, ग्रामवासियों का लाइफ़लाइन बने मनरेगा कार्यों में तकनीकी सहायक ने बड़ी लापरवाही बरती है. जिला पंचायत सीईओ आशुतोष पांडेय ने कसडोल जनपद के संविदा तकनीकी सहायक मंदीप लहरे की सेवा समाप्त कर दी है. विगत दिनों महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों ने जनपद पंचायत कसडोल के मनरेगा कार्यस्थलों का निरीक्षण किया था. निरीक्षण में पाया गया कि तकनीकी सहायक मंदीप लहरे को आबंटित ग्राम पंचायत चिखली, नवागांव एवं खपरीडीह में मनरेगा कार्य संचालित नहीं किया जा रहा था. जिसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई. साथ ही इस बारे में पूछने पर उन्होंने 80 किलोमीटर दूर आबंटित गाँव का नाम बताकर उच्च अधिकारियों को गुमराह कर दिया.
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जैसे ही उसे उच्च अधिकारियों के दौरे का पता लगा उन्होंने आनन-फानन बिना किसी सुरक्षा मानकों, गाइडलाइन का पालन किए बिना लगभग 117 श्रमिकों को कार्यस्थल पर एकत्रित कर उच्चाधिकारियों को भी भ्रमित कर दिया. इस संबंध में पूर्व में मंदीप लहरे को जिला पंचायत स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. जिसका संतोषजनक जवाब नहीं दिया. उनके द्वारा लापरवाही करना स्वीकार किया गया. विषय की गंभीरता को देखते हुए एवं कोविड 19 संक्रमण के दौरान गैर-जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने व उच्चाधिकारियो को भ्रमित करने विभिन्न स्तर पर शासन के निदेर्शों की अवहेलना करने पर मंदीप लहरे की संविदा सेवा समाप्त कर दी गई. पांडेय ने कहा लोगों को सुरक्षा के साथ रोजगार दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी है. कोविड 19 में जिला पंचायत कर्मचारियों की किसी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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