रायपुर. भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चन्द्राकर ने धान खरीदी को लेकर मंत्रिमंडलीय उपसमिति के ताजा फैसलों को लेकर तंज कसा है. उन्होने कहा कि भाजपा शुरू से ही धान खरीदी में एक माह के विलंब को लेकर और सरकार के दीगर नित-नए तुगलकी फरमानों से किसानों की परेशानी पर शासन-प्रशासन का ध्यान खींचती रही लेकिन राजनीतिक दुराग्रह के संकुचित नजरिए के चलते प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों का बड़ा नुकसान तो कर ही चुकी है. चन्द्राकर ने कहा कि आज भी किसान अपना धान बेचने के लिए खरीदी केन्द्रों में परेशान रहे. मंत्रिमंडलीय उपसमिति किसानों की परेशानी को ध्यान में रखकर अपने फैसले का त्वरित और कारगर क्रियान्वयन सुनिश्चित करे.
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अनेक स्थानों से यह शिकायत आम तौर पर सुनाई पड़ रही है कि एक ओर सरकार किसानों के लिए लुभावने फैसलों की घोषणा तो कर रही है लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को जरा भी राहत नहीं मिल रही है क्योंकि प्रशासनिक अधिकारी अब भी समिति प्रबंधकों, अध्यक्षों व डाटा कम्प्यूटर ऑपरेटर्स पर धान की न्यूनतम खरीदी के लिए दबाव बनाकर रखे हुए हैं. चन्द्राकर ने कहा कि यह प्रदेश के अन्नदाता किसानों के साथ छलावा है और उन्हें उनकी उपज को लाभकारी मूल्य पर बेचने से रोकने की साजिश है. खरीदी केन्द्रों में भी धान जाम होने के कारण व्याप्त अव्यवस्था के चलते किसानों को अपना धान बेचने में दिक्कत हो रही है. उन्होने प्रदेश सरकार से मिलिंग और संरक्षण केन्द्रों तक धान पहुंचाने की त्वरित व्यवस्था करने और धान खरीदी की मियाद 15 फरवरी से बढ़ाकर 15 मार्च करने की जरूरत भी बताई है.
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