पारस सांखला
बागबाहरा. विकासखंड मुख्यालय से 20 किमी दूर ग्राम पंचायत छुईहा-फिरगी के बीच नाले में पुल न बनने से फिरगी के ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन के लिए जूझ रहे हैं. पंचायत मुख्यालय छुईहा में हाईस्कूल, राशन दुकान संचालित है. फिरगी से छुईहा की दूरी महज 2 किलोमीटर है लेकिन बीच में नाले के कारण फिरगी के लोगों को 8किलोमीटर सफर कर राशन दुकान जाना पड़ता है. यहां के बच्चों को उच्च शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. विद्यार्थियों को घुमावदार रास्ते से सफर करना पड़ता है या पढ़ाई छोड़कर घर बैठना पड़ रहा है. बालक वर्ग तो इधर-उधर से स्कूल पहुंच जाते हैं सबसे बड़ी समस्या बालिका वर्ग को है. यहां की बालिकाएं पढ़ना तो चाहती हैं पर नाला उन्हे घर बैठने विवश कर रहा है.
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विद्यार्थियों को बारिश के दिनों में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. फिरगी पिथौरा ब्लॉक के गांवों से घिरा हुआ है. नाला में पुल न होने से राहगीरों को मुनगासेर या भुरकोनी के घुमावदार रास्ता से जाना पड़ता है. सबसे बड़ी मुसीबत मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ती है. प्रसव पीड़ा से भी ज्यादा पीड़ा यह सड़क पहुंचाती है. इस क्षेत्र के ग्रामीण पूर्व सरकार से ग्राम सुराज एवं विकास यात्रा के दौरान अनेक बार पुल निर्माण की मांग पर सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री सभी पुल बनाने का वायदा कर चुके हैं वायदानुरुप मंत्री ने बजट में शामिल भी कर दिए पर राशि जानबूझकर जारी नहीं की गई. जबकि पुल मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए का बंदरबांट किया गया है. क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पुल निर्माण की मांग की है.
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