नई दिल्ली. महाराष्ट्र के जारी राजनीतिक संकट के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में करीब डेढ़ तक सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट अब महाराष्ट्र के संकट पर मंगलवार सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगी. शीर्ष अदालत ने शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी की याचिका पर सुनवाई की है. तीनों दलों ने याचिका में कहा है कि बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल के 23 नवंबर के आदेश को रद्द किया जाए. कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट की भी मांग की है. जबकि फडणवीस-अजित पवार की ओर से कुछ समय मांगा गया.
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आज कोर्ट में राज्यपाल की तरफ से पेश हुए वकील तुषार मेहता ने अजित पवार के समर्थन की वह चिट्ठी भी पेश की जिसमें 54 विधायकों के समर्थन की बात कही गई थी. मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए 14 दिन का वक्त दिया है. उन्होंने कहा कि प्रोटेम स्पीकर के बाद स्पीकर का चुनाव जरूरी है, लेकिन विपक्ष प्रोटेम स्पीकर से ही काम कराना चाहता है. मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगले सात दिन में फ्लोर टेस्ट नहीं हो सकता है, कल भी फ्लोर टेस्ट का ऑर्डर ना दिया जाए. हालांकि सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब मंगलवार सुबह 10.30 बजे अदालत अपना फैसला सुनाएगा.
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