नई दिल्ली. लखनऊ में शुक्रवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीएसटी काउंसिल की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि केरल हाईकोर्ट के आदेश की वजह से ही पेट्रोल-डीजल पर विचार हुआ, लेकिन इस पर आमराय बनी कि अभी इसका समय नहीं आया है. यानी अभी पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल नहीं किया जा सकता. कई महंगी जीवन रक्षक दवाओं को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है. इनमें दो काफी महंगी दवाएं (Zolgensma, Viltepso) हैं. कोरोना से संबंधित दवाओं में छूट की सीमा को 3 महीने बढ़ाते हुए 31 दिसंबर तक कर दिया है.
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इसमें एम्फोटेरेसिन, रेमडिसिविर समेत 4 दवाओं को फायदा मिलेगा. 7 अन्य दवाओं को 12 प्रतिशत से 7 प्रतिशत की छूट की सीमा को भी 31 दिसम्बर तक बढ़ाया गया है. कैंसर की दवा 12 प्रतिशत के दायरे से हटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. दिव्यांगों के लिए बनी गाड़ियों को अब सिर्फ 5 प्रतिशत कर देना होगा. सभी तरह के पेन पर अब जीएसटी 18 फीसदी रहेगी. बैठक में यह तय हुआ कि बायोडीजल पर जीएसटी घटाकर 12 से 5 फीसदी किया जाए. उन्होंने कहा कि स्विगी-ज़ोमैटो जैसे खाना पहुंचाने वाली सेवाओं के लिए अब ऑर्डर्स के हिसाब से कर वसूली होगी. पुराने टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बस तरीका बदलकर टैक्स लिया जाएगा. अब रेस्टोरेंट्स से टैक्स लेने की जगह जो सेवा प्रदाता है, वो टैक्स देने का काम करेगा.
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