नई दिल्ली. मध्यप्रदेश में भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को कमलनाथ ने एक जनसभा में आइटम कह दिया. इसे लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच घमासान मचा हुआ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मौन उपवास रखा. इस बीच कमलनाथ ने अपने बयान पर सफाई दी है. एक जनसभा में कमलनाथ ने कहा कि जब लोकसभा में लिस्ट आती है तो उस पर लिखा होता है आइटम नंबर-1. विधानसभा में आती है तो लिखा होता है आइटम नंबर-1. आइटम कोई दुर्भावना से या असम्मानित दृष्टि से मैंने नहीं कहा. आइटम कोई असम्मानित शब्द नहीं है. मुझे उस मौके पर विधायक का नाम याद नहीं आ रहा था तो मैंने कहा वो जो यहां की आइटम हैं.
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उन्होने कहा कि मैंने कुछ कहा था, यह किसी का अपमान करने के लिए नहीं था मुझे सिर्फ (व्यक्ति का) नाम याद नहीं था. यह सूची (अपने हाथ में मौजूद) आइटम नंबर 1, आइटम नंबर 2 कहती है, क्या यह अपमान है. शिवराज बहाने ढूंढ रहे हैं. कमलनाथ किसी का अपमान नहीं करता, वह केवल आपको सच्चाई से अवगत कराता है. पूर्व सीएम ने कहा कि आइटम का प्रयोग तो आम होता है. ये तो संसद का शब्द है. ये विधानसभा में आता है. आज आप कोई प्रोग्राम देखते हैं, आज मेरा आइटम नंबर वन ओमकारेश्वर है. तो क्या ये असम्मानित हो गया. ये मैं नहीं समझता, पर उनको कहने लायक कुछ नहीं. किसी ना किसी तरह बैठ जाएं कि जनता का ध्यान मोड़ें. ये ही उनका एक लक्ष्य है.
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शिवराज पर निशाना साधते हुए उन्होने कहा कि आज वो जनता के सामने जाएं, हिसाब दें. अपने 15 साल का, अपने 7 महीनों का कितना मुआवजा दिया आपने, कितना कर्जा माफ किया, कितना रोजगार दिया. सौदेबाजी और बोली लगाकर सरकार बना ली और गद्दारी हुई. ये मध्यप्रदेश की जनता को मूर्ख समझते हैं. अगर मैं कोक पीना बंद कर दूं तो क्या रोजगार मिलने लगेगा. इनके पास कहने को कुछ नहीं है.









