नई दिल्ली. झारखंड विधानसभा चुनाव पूर्व किए गए झामुमो, कांग्रेस और राजद के महागठबंधन ने चुनावी नतीजों में बड़ी जीत हासिल की है. महागठबंधन ने बहुमत से ज्यादा 47 सीटें जीतीं तो वहीं सत्तारूढ़ भाजपा को सिर्फ 25 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. अकेले झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को 30 सीटों पर जीत मिली और राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, हालांकि बीजेपी की तरह जेएमएम भी एकल पार्टी के रूप में बहुमत हासिल करने का सपना पूरा नहीं कर सकी. जेएमएम की सहयोगी कांग्रेस पार्टी के खाते में 16 और राष्ट्रीय जनता दल के खाते में 1 सीट आई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमंत सोरेन अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ 27 दिसंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे.
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चुनावों में भाजपा का मिशन 65 यानी 65 सीटें जीतने का दावा ध्वस्त हो गया. इसी के साथ यह रिकॉर्ड कायम रहा कि झारखंड राज्य के गठन के 19 साल में कोई भी सत्तारूढ़ पार्टी वापसी नहीं कर सकी है. चुनाव में मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत भाजपा के 5 मंत्री हार गए. चुनाव पूर्व सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) पार्टी को भी 3 सीटें ही मिलीं. महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन ने कहा कि यह परिणाम पिता शिबू सोरेन के समर्पण और परिश्रम का नतीजा हैं. आज जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प का दिन है. अब राज्य के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा. ये मील का पत्थर साबित होगा. उम्मीदें नहीं टूटेंगी. नौजवान, किसान, महिला, व्यापारी, बूढ़े-बच्चे, मजदूरों सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे.
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