खल्लारी. बागबाहरा ब्लॉक कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष अंकित बागबाहरा ने भाजपाइयों का भाजपा 2.0 के प्रचार-प्रसार को कोरोना महामारी में विश्व के चौथे पायदान में पहुंचने और शीघ्र एक नम्बर की उपलब्धि को छिपाने किया जा रहा दुष्चक्र बताया. अंकित ने कहा कि इस वैश्विक बीमारी में गायब रहे भाजपायी अचानक भक्ति दिखाने मैदान में कूद पड़े हैं और बजाए कोरोना पीड़ितों, लोगों को मास्क, सेनेटाइजर, खाद्य सामग्री, राहत सामग्री, घर पहुंचाने जैसे काम न कर अभी जबरदस्ती मोदी की झूठी वाहवाही लेने पाम्पलेट बांटते घूम रहे हैं. उन्होने लोगों से कहा है कि आपके घर आने वाले भाजपाइयों से पूछना चाहिए कि कोरोना महामारी में आपने क्या किया? अपने क्षेत्र और प्रदेश के लोगों की कोरोना से निपटने क्या मदद की? पीएम आवास की राशि क्यों नहीं आ रही? कृषक सम्मान निधि एक साथ क्यों नहीं दिलवाते?
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दो करोड़ रोजगार देने का वायदा किए थे वह कब मिलेंगे? काला धन लाकर 15 लाख देंगे बोले थे, उसका क्या हुआ? धान का समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना कब करेंगे? 20 लाख करोड़ में छत्तीसगढ़ के निवासियों और बेरोजगारों को क्या मिला? भाजपा ने हमेशा वायदा किया पर न 2100 रुपए धान का समर्थन मूल्य दिया न बोनस? अंकित ने आरोप लगाया कि भाजपा को सिर्फ सत्ता पाने से मतलब है जिसका प्रमाण हाल ही में सांसद सरोज पाण्डेय का बयान ऑपरेशन लोटस के द्वारा वर्तमान सरकार को गिराने की बात करना है. आज जहां पीपीई किट, मास्क और वेंटिलेटर खरीदने की जरूरत है वहां भाजपा वर्चुअल रैली में डेढ़ सौ करोड़ खर्च कर रही है. 10 करोड़ परिवार तक पहुंचने प्रचार सामग्री में अरबों रुपए की प्रचार सामग्री छपवाई जा रही है. पारदर्शिता से बचने प्रधानमंत्री जी ने नया राहत कोष बना लिया. वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री किसान पुत्र भूपेश बघेल जी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 22 मई तक 28 करोड़ 55 लाख 30 हजार का खर्च का हिसाब और कुल आय 64 करोड़ में 35 करोड़ का हिसाब बताया.
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और ऐसे ही अरबों रुपए व्यापारियों से चंदे में मिल रहे प्रधानमंत्री राहत कोष में चंदे का हिसाब देने से बचने भाजपायी 2.0 का जबरन महिमा मंडन करने में लगे हैं. अंकित ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते देश की 12 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है. रोजी, रोजगार, व्यापार, उद्योग, परिवहन सहित सभी प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बंद एवं सुस्त पड़ी है. भूख-प्यास, दुर्घटनाओं एवं अन्य कारणों से 600 से अधिक मजदूरों की असामयिक मौत हुई है. उन्होने कहा कि भाजपा राज्य सरकार पर आरोप लगाने के बजाय छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता से माफी मांगे और महमारी संकट से निपटने राज्य सरकार के द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर सहयोग करें.







