बागबाहरा. क्षेत्र में क्वारंटाइन की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती दिख रही है जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. ज्ञात हो कि गांव से पलायन पर गए मजदूर एक साथ नहीं आ रहे हैं वे आगे-पीछे अपने गांव आ रहे हैं. एसडीएम श्री जायसवाल ने नए निर्देश देकर मैदानी कर्मचारियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. उन्होंने कहा है कि पहले से रह रहे मजदूरों के साथ आने वाले नए मजदूरों को नियमानुसार उक्त सेंटर में नहीं रखा जाए उनके लिए अलग से क्वारंटाइन सेंटर बनाएं. उन्होने निर्देश दिया है कि 8-10 दिन पहले रोके गए मजदूरों के साथ में नए मजदूरों को न रखें. अब सवाल उठता है जो नए मजदूर आ रहे हैं उन्हें किस स्थान पर रोककर क्वारंटाइन कराएंगे.
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दूसरी ओर बाहर से आए मजदूरों को क्वारंटाइन में खुद को भोजन, पानी और अन्य व्यवस्था करनी होगी लेकिन अनेक मजदूर ऐसे हैं जो ताला लगाकर पूरे परिवार सहित पलायन कर गए थे. उनके लिए लकड़ी और खाद्यान्न की व्यवस्था करने में दिक्कतें हो रही है. चूंकि उन्हें कहीं आने-जाने नहीं दिया जा रहा है तो उनकी व्यवस्था कौन करेगा. प्रशासन ऐसे मजदूर परिवार के लिए कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं कर रहा. मैदान में काम कर रहे कर्मचारियों को ग्राम प्रमुख सलाह दे रहे हैं कि जहां 4-5 कमरे वाला भवन है उसमें जो कमरा खाली है उसमें नए आने वाले मजदूर परिवार को क्वारंटाइन कर दें. इस पर मैदानी कर्मचारी बता रहे हैं कि एसडीएम मना कर रहे हैं उनके लिए अलग से सेंटर बनाने का निर्देश दिया गया है. नाम न छापने की शर्त पर कहा कि फिर ऐसे में कोई व्यवस्था गांव में नहीं हो सकेगी. क्योंकि ग्राम के सभी भवनों में पूर्व से पहुंचे प्रवासियों को रोका गया है इसलिए और अलग से भवन की व्यवस्था कहां से और कैसे होगी. इधर, खल्लारी विधानसभा के ग्राम खुंटेरी के सरपंच ने प्रवासी मजदूरों के क्वारंटाइन के लिए पिथौरा एसडीएम से ग्राम के एक निजी स्कूल को अधिग्रहण करने का आग्रह किया.
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इस पर एसडीएम ने सरपंच से स्पष्ट कहा कि ये कार्य आप लोग करें. यहां यह सवाल यह उठता है कि क्या सरपंच को इतने अधिकार हैं कि वह किसी निजी स्कूल का अधिग्रहण कर सकें. ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर मिडिल एवं प्राइमरी स्कूल एक ही कैम्प्स में है. इस स्थान पर ही एक के बाद एक आने वाले प्रवासियों को रखा जा रहा है. नियमानुसार पूर्व से आए एवं बाद में आए प्रवासियों को आपस मे मिलने से रोका जाना है पर बगैर फण्ड के ही अकेले ग्राम सचिव एवं सरपंच को सभी व्यवस्था का दायित्व सौंपा गया है. लिहाजा इन्होंने भी सब भगवान भरोसे छोड़ दिया है और नए पुराने सभी प्रवासी एक साथ मिलकर क्वारंटाइन सेंटर में घूम रहे हैं.
मजदूरों को होम क्वारंटाइन कर राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाए : चंद्रनाहू https://t.co/5w92w2GULX
— Cg Janadesh (@CJanadesh) June 14, 2020







