महासमुंद/पिथौरा. जिले भर में अन्य प्रांतों से ईंट भट्ठा मजदूरों का आना लगातार जारी है. जिले में पलायन किए क्षेत्रों के केंद्र बिंदु पिथौरा नगर के बस स्टैंड पर भी सुबह से सैकड़ों मजदूर बगैर कोरोना गाइडलाइन का पालन किए ही दुकानों से खरीदारी कर रहे हैं लिहाजा एक बार पुनः कोरोना का खतरा हाईरिस्क पर पहुंच गया है. नगर में तेजी से नियंत्रण हुए कोरोना मामलों से क्षेत्रवासियों में दहशत काफी हद तक कम हो गई है. पर बाजार खुलने से भी अधिक चिंता अब अन्य प्रांतों से आ रहे भट्ठा मजदूरों के बगैर कोरोना टेस्ट के ही नगर में स्वच्छंद घूमकर खरीदारी से होने लगी है. नगर के बस स्टैंड में सुबह 8 से 10 बजे के बीच का नजारा चिंता बढ़ाने के लिए काफी है.
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कोरोना टेस्ट में अब भी सुस्ती
क्षेत्र के विभिन्न गांवों में वापस आ रहे मजदूरों के लिए गांव में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं. पर इन सेंटरों तक पहुंचने के पहले ही मजदूर दर्जनों स्थानीय लोगों के सम्पर्क में आ चुके होते हैं. जिससे क्वारंटाइन सेंटर में रखने की योजना के उद्देश्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.
32 में 24 पॉजिटिव निकले थे
ज्ञात हो कि cgjanadesh.com की खबर के बाद ही गोपालपुर में ओड़िशा से आए 32 भट्ठा मजदूरों की जांच की गई थी जिसमें 24 संक्रमित निकले थे. इस घटना से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया और अभी भी पूर्व की तरह मजदूर बगैर कोरोना टेस्ट एवं गाइडलाइन के ही घूमते और खरीददारी करते दिख रहे हैं.
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गांवों में टेस्ट अनिवार्य : एसडीएम
इधर, स्थानीय एसडीएम राकेश कुमार गोलछा ने बताया कि अन्य प्रांतों से आने वाले मजदूरों का गांव में ही कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है. संक्रमितों में बगैर लक्षण वालों को गांव के क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है जबकि लक्षण वाले मरीजों को कोविड केयर सेंटर भेजा जा रहा है.
तीसरी लहर की चेतावनी बेअसर
मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों से भविष्य में संभावित तीसरी लहर से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश भी बेअसर दिखाई दे रहे हैं. अब अधिकांश लोग मास्क और सोशल डिस्टेंस को भी भूलने लगे हैं.
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