कोण्डागांव. विगत दिनों शासकीय उच्चतर प्राथमिक शाला रानापाल के प्रधान अध्यापक हन्नूराम बघेल के विरुद्ध छात्राओं से छेड़छाड़ किए जाने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी. जिस पर कलेक्टर दीपक सोनी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित जांच समिति को दिया था. उक्त जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर छात्राओं के विरूद्ध छेड़छाड़ की शिकायत की पुष्टि करते हुए संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर द्वारा इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत गंभीर कदाचार मानते हुए प्रधान अध्यापक शासकीय उच्च प्राथमिक शाला रानापाल हन्नूराम बघेल को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
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आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को अण्डा वितरण नहीं किए जाने पर पर्यवेक्षक पर कार्रवाई
बालोद. ग्राम नेवारीकला में आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02 और 03 के कुपोषित बच्चों को अण्डा वितरण नहीं किए जाने पर पर्यवेक्षक श्रीमती मानकुंवर साहू का एक वेतन वृद्धि अंसचयी प्रभाव से रोका गया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत 07 नवम्बर 2022 से कुपोषित बच्चों को अण्डा या सोयाबीन बड़ी (अण्डा नहीं खाने की स्थिति में) प्रदान करने के निर्देश दिए गए थे. लाटाबोड़ सेक्टर अंतर्गत ग्राम नेवारीकला के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-02 और 03 में कुपोषित बच्चों को अण्डा वितरण नहीं किए जाने की जानकारी मिलने पर संबंधित को स्पष्टीकरण जारी किया गया. श्रीमती मानकुंवर साहू के द्वारा प्राप्त स्पष्टीकरण का जवाब असंतोषप्रद पाए जाने के कारण सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम (3) के विपरीत होने के फलस्वरूप उनका एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोका गया है.







