पिथौरा. पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर बैंकों से केसीसी लोन दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से भारी संख्या में फर्जी ऋण पुस्तिका, कई बैंकों के सील, तहसीलदार और पटवारी के फर्जी सील समेत कई सामान जब्त किया है. टीआई कमला पुसाम और एसडीओपी पुपलेश पात्रे ने प्रेस कॉफ्रेंस कर पत्रकारों को बताया कि बीते दिनों पीड़िता अंगीता यादव ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि पिथौरा निवासी उत्तम मजूमदार ने अप्रैल 2018 में जमीन का पट्टा बनाने के नाम पर 20 हजार रुपए लिया था लेकिन पट्टा बनाकर नहीं दिया. पैसे मांगने पर देने से इंकार कर दिया. शिकायत के बाद टीम गठित कर मामले की जांच में कई अहम खुलासा हुए.
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जांच में पाया गया कि आरोपी उत्तम मजूमदार अपने अन्य साथियों रामपुर निवासी ग्रीसम बिसी, संजय राव काटे, झलप निवासी गलय कुमार यादव, बेलडीह निवासी सुभाष चक्रधारी, अरण्ड निवासी दीनबंधु पटेल, घासीराम प्रजापति ने ग्रामीणों को बैंक से ऋण दिलाने, जमीन संबंधी खसरा नक्शा प्राप्त कर लोन संबंधी दस्तावेजों में फर्जी राजस्व निरीक्षक और बैंकों का सील तैयार कर फर्जीवाड़ा करते थे. पिछले सात साल से ये सातों आरोपी मिलकर इस फर्जीवाड़ा को अंजाम देते थे. सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471.120-B के तहत कार्रवाई की गई है.
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