रजिंदर खनूजा
पिथौरा. नगर के समीप फोरलेन एक बार फिर पांच मवेशियों के खून से लाल हो गया. ज्ञात हो कि गौरक्षा के लिए कोई आधा दर्जन से अधिक संगठन कार्य कर रहे हैं बावजूद फोरलेन में मवेशियों के भटक कर आना और दुर्घटना में हताहत होने का सिलसिला जारी है. जानकारी के अनुसार रविवार अलसुबह मॉर्निंग वॉक में निकले लोगों ने रायपुर से सराईपाली की ओर जाने वाले मार्ग में टप्पा में एक ढाबा के पास 5 मवेशी लहूलुहान मवेशियों को देखा. इन मवेशियों से काम निकालकर इनके मालिकों ने इन्हें पेट भरने के लिए लावारिस छोड़ दिया था. लावारिस घूमते ये मवेशी अक्सर फोरलेन के बीच लगे पौधों एवं घास चरने पहुंच जाते हैं जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है. आज सुबह की घटना में एक ही स्थान पर 5 मवेशी काल कवलित हुए हैं.
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गौवंशों सुरक्षा के कोई प्रयास नहीं
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में गौ तस्करी पकड़ने के लिए कोई आधे दर्जन से अधिक संगठन कार्यरत हैं. जिनकी निगाहों से गौतस्कर बच नहीं सकते पर सड़कों पर लावारिस घूम रही गौवंशों को गौठान पहुंचाने या सड़क से नीचे उतारकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था कोई संगठन क्यों नहीं करता ये भी एक शोध का विषय हो सकता है.
लगातार हो रही गौवंशों की मौतें
फोरलेन निर्माण के बाद से ही लगातार इस तेज रफ्तार सड़क पर हमेशा कहीं ना कहीं हादसे होते ही रहते हैं. जिसमें गोवंशों की मौतों की खबरें भी आती रहती हैं. विगत दिनों महासमुन्द के पास भी करीब दर्जन भर मवेशियों की मौत अत्यधिक बारिश के कारण भोजन नहीं मिलने के कारण भूख से हो गई थी बावजूद अब तक सड़कों पर घूमकर मौत को दावत देते मवेशियों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था किसी भी विभाग या संगठन द्वारा नहीं किए जाने से मौतों का सिलसिला जारी है और अभी उसके थमने की संभावना भी कम ही दिखाई देती है.
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