महासमुंद. गांजा तस्करी के मामले में कोर्ट से अपराध सिद्ध होने पर चार आरोपियों को विशेष न्यायाधीश डॉ मनोज प्रजापति ने धारा 20 (ख) 11 (ख) स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 के तहत 3-3 साल के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है. अर्थदंड की राशि अदा न करने पर 3-3 माह माह सश्रम कारावास पृथक से भुगतना होगा. अभियोजन के अनुसार पटेवा थाना को 7 नवंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी दो बाइक में कुछ व्यक्ति गांजा का परिवहन करने वाले हैं. सूचना पर छछान पहाड़ एनएच-53 पर पहुंचकर घेराबंदी की गई.
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कुछ देर बाद हुलिया अनुसार दो दोपहिया आते दिखे जिन्हे रोककर पूछताछ किया गया तो आरोपियों ने नुवापाड़ा ओड़िशा के बेलटुकरी थाना क्षेत्र के संदीप चंद्राकर पिता उमाशंकर चंद्राकर (31), हिमांशु पिता हेमलाल चंद्राकर (27), भानुप्रताप सिंह पिता हरिसिंह बाघ (25) और तुमगांव क्षेत्र के पीढ़ी निवासी गोवर्धन पिता सोनसाय (69) बताया. तलाशी लेने पर दोपहिया क्रमांक सीजी 06 पीए 1324 में हिमांशु चंद्राकर व गोवर्धन सोनकर के कब्जे से 5.8 किलोग्राम व दोपहिया क्रमांक 4 डीपी 6316 में संदीप चंद्राकर व भानुप्रताप के कब्जे से 6 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. जहां अपराध सिद्ध होने पर आरोपियों को 3-3 साल की सजा सुनाई.
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