रजिंदर खनूजा
पिथौरा. बारनवापारा अभ्यारण्य में शनिवार शाम मानस नेशनल पार्क असम से एक नर और एक मादा वन भैंसा पहुंच गए. बहरहाल, दोनो पशुओं को खैरछापर तालाब में बनाए गए बाड़े को वातानुकूलित कर रखा गया है. इसके अलावा इन्हें लेने गई 17 कर्मियों और अफसरों की टीम को 15 दिन के क्वॉरंटाइन में रखा गया है. विगत 6 माह पूर्व से वनभैंसा की वंशवृद्धि हेतु बार अभ्यारण्य में वन भैंसों की एक जोड़ी लाने के प्रयास चल रहे थे. वृहद औपचारिकताओं के बाद अंततः 70 दिन पूर्व असम निकली वन विभाग की टीम शनिवार दोपहर बाद मानस नेशनल पार्क से दो वन भैंसे के साथ लौट आई.
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ज्ञात हो कि विगत 3 वर्ष पूर्व वन अफसरों ने करीब तीन करोड़ की लागत से वन भैसा हेतु बार से कोठारी मार्ग पर एक बाड़ा बनाया था. पर उक्त बाड़े के ट्यूबवेल में पानी नहीं मिलने से बाड़ा पुनः वन्य प्राणियों हेतु बनाए गए तालाब खैरछापर में 4 हेक्टेयर भूमि पर बनाया गया है. पर वर्तमान गर्मी के मौसम को देखते हुए बाड़ा में कूलर और टेंट लगाकर वातानुकुलित किया गया है. मानस राष्ट्रीय उद्यान से एक नर सहित दो वन भैंसे वन विभाग की बंद ट्रकों में लाए गए. इन ट्रकों में भैंसों के खाने-पीने की पूरी व्यवस्था थी. बहरहाल, प्रदेश में भीषण गर्मी का समय है जबकि असम में मौसम ठंडा है लिहाजा यहां आगामी तीन माह तक इन्हें वातानुकुलित बाड़े में ही रखना होगा.
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