महासमुंद. अंततः महासमुंद एसडीएम भागवत प्रसाद जायसवाल को सोमवार को भारमुक्त कर दिया गया. छत्तीसगढ़ शासन ने 26 अगस्त 2022 को इस अफसर का स्थानांतरण महासमुंद से नवीन जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ किया. नवीन जिले का शुभारंभ 3 सितंबर 2022 को हो गया, पर उन्होंने महासमुंद से भारमुक्त होना उचित नहीं समझा. परिणामस्वरूप उन्हें शासन से 9 सितंबर 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 3 दिवस की समय-सीमा में जवाब मांगा गया. भारमुक्त नहीं होने के कारण शासन ने 26 सितंबर 2022 को महासमुंद कलेक्टर को पत्र भेजकर उन्हें एकतरफा भारमुक्त करने निर्देशित किया, पर कलेक्टर ने भारमुक्त नहीं किया.Cgjanadesh.com ने 30 सितंबर को ‘एसडीएम भागवत जायसवाल के सामने पंगु हो गया है छत्तीसगढ़ शासन!’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी.
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3 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ नागरिक कल्याण समिति रायपुर के संयोजक पंकज साहू ने जायसवाल को निलंबित किए जाने और कलेक्टर को भारमुक्त किए जाने मुख्य सचिव, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग से शिकायत की. जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को जायसवाल को भारमुक्त कर सूचना देने के निर्देश दिए. जिस पर कलेक्टर ने दोपहर बाद भार मुक्त कर सूचना प्रेषित की. इधर, कलेक्टर ने शासकीय कार्यों के सुचारू सम्पादन को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त कलेक्टर एवं वर्तमान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिथौरा राकेश कुमार गोलछा को आगामी आदेश पर्यन्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व महासमुंद का सम्पूर्ण प्रभार सौंपा है। इसी प्रकार डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू को आगामी आदेश पर्यन्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिथौरा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है.
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